केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले प्रभागों, ब्यूरो और संस्थानों के कामकाज की समीक्षा की
केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के विभिन्न प्रभागों, ब्यूरो और संस्थानों के कार्यान्वयन की गहन समीक्षा की, जिसमें वेबिनार के माध्यम से अधिकारिता और हिताधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
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नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026। समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों को आगे बढ़ाने के प्रति केन्द्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रभागों, ब्यूरो और स्वायत्त संस्थानों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की। यह समीक्षा एक विशेष वेबिनार के माध्यम से आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की प्रगति का मूल्यांकन करना और आने वाले वर्षों के लिए रणनीतिक दिशा-निर्देश तय करना था।
समीक्षा बैठक के दौरान, डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने मंत्रालय के सभी संबंधित अधिकारियों, प्रभाग प्रमुखों और संगठन प्रमुखों से जुड़ाव बनाए रखा। उन्होंने इस अवसर पर यह स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक कार्य है, जिसके लिए प्रभावी नीतिगत अमल आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि मंत्रालय के अधीनस्थ सभी संस्थाओं को अपनी जिम्मेदारी का पूर्ण पालन करना चाहिए और सुधार की दिशा में लगातार प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर जोर दिया जहां आवेदकों या लाभार्थियों को सेवाओं के समय पर उपलब्ध होने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समीक्षा के दौरान, मंत्रालय के विभिन्न ब्यूरो और प्रभागों द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकड़ों और प्रगति रिपोर्टों पर गहन चर्चा हुई। डॉ. कुमार ने अधिकारिता और सहूलियत से संबंधित मुद्दों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया, जिनमें शैक्षणिक प्रवेश, सरकारी सेवाओं में आरक्षण, और वंचित वर्गों के लिए विशेष योजनाओं का कार्यान्वयन शामिल है। उन्होंने नोट किया कि तकनीकी नवाचारों के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के प्रयासों को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मंत्री ने आदेश दिया कि जिन योजनाओं के कार्यान्वयन में विलंब हुआ है, उनके लिए त्वरित सुधारों का प्रस्ताव तैयार करके प्रस्तुत किया जाए।
इस बैठक में मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कई स्वायत्त संस्थानों के प्रमुखों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के चुनौतियों और सफलताओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने इन संस्थानों की प्रगति की सराहना करते हुए एक साथ उनकी कमियों पर भी निगरानी रखने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि हर प्रभाग और ब्यूरो को यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकार की सामाजिक न्याय संबंधी योजनाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही हों और बीच के किसी भी स्तर पर बाधाएं न हों।
समीक्षा के अंत में, मंत्री ने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार लाने पर विशेष ध्यान दें और लोकसेवा के प्रति अपना कर्तव्य निभाते हुए सख्ती से काम करें। डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने यह भी उल्लेख किया कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की भूमिका सामाजिक समरसता और निरंतर विकास में महत्वपूर्ण है, इसलिए हर छोटी-बड़ी गतिविधि का पारदर्शी और कठोर मूल्यांकन आवश्यक है। इस बैठक के निर्णयों को त्वरित कार्यान्वयन के लिए संबंधित प्रभागों को भेज दिया गया है, ताकि अगले परिचालन चक्र में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हो सकें।