15-दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ कल से नई दिल्ली के ‘दिल्ली हाट’ में शुरू होगा
नई दिल्ली के प्रसिद्ध दिल्ली हाट में 15 दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ का उद्घाटन कल, 2 नवंबर को होगा, जिसमें देशभर के हस्तशिल्प कलाकारों के उत्पाद प्रदर्शित होंगे।
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कल, सोमवार, 2 नवंबर 2026 से नई दिल्ली के प्रसिद्ध बाजार और पर्यटन स्थल ‘दिल्ली हाट’ में 15-दिवसीय ‘शिल्प समागम मेला 2026’ का आगाज होने जा रहा है। यह मेला स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर हस्तशिल्प (handicrafts) की विविधता को जगाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है, जिसका अंतिम दिन 16 नवंबर 2026 तक होगा। इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से आने वाले कलाकारों की खूबसूरत और हस्तनिर्मित वस्तुओं को एक ही छत के नीचे लाना है, ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और अद्भुत शिल्पकला की समृद्ध विरासत तक सीधा पहुंच मिल सके।
दिल्ली हाट के प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस बार के मेले में विशेष रूप से पारंपरिक हस्तशिल्प, वस्त्र, जूते, सजावटी सामान, लकड़ी और मृत्तिके के उत्पाद, साथ ही आधुनिक डिजाइन के साथ जुड़े नवीन शिल्पकृतियां शामिल हैं। मेले में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात और अन्य कई राज्यों के प्रतिभाशाली कारीगरों और हस्तशिल्प इकाइयों की भागीदारी की उम्मीद है। ये उत्पाद न केवल सौंदर्य के लिए हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतिबिंब भी हैं।
मेले का उद्घाटन समारोह कल दोपहर के समय आयोजित किया जाएगा, जहां केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों और कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहने की संभावना है। प्रबंधन की ओर से बताया गया है कि मेले के दौरान विशेष रूप से स्थानीय कारीगरों को आगे बढ़ाने के लिए चेयरperson और विशेषज्ञों द्वारा मंच पर बातचीत और प्रदर्शन भी आयोजित किए जाएंगे। इससे न केवल कारीगरों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने और सीधे ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिलेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को भी हस्तशिल्प के क्षेत्र में रुचि लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
दिल्ली हाट में इस मेले का आयोजन करने का निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि यह स्थान पर्यटकों और स्थानीय निवासियों दोनों में अत्यधिक लोकप्रिय है। मेले के दौरान विभिन्न शिल्पकर्मों के प्रदर्शन, लाइव डेमो और हस्तशिल्प उत्पादों पर विशेष छूट प्रदान किए जाने की उम्मीद है। प्रशासन ने अपनी तैयारियों को बेहद सावधानी से पूरा किया है ताकि मेले के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन को लेकर कोई दिक्कत न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे आधुनिकीकरण बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हस्तशिल्प की मांग भी बदल रही है। ‘शिल्प समागम मेला 2026’ इस बदलाव को समझते हुए पारंपरिक और आधुनिक शैलियों का एक ऐसा संगम प्रस्तुत करेगा, जो हर उम्र के लोगों को आकर्षित करेगा। दिल्ली के वासियों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे इस अवसर को न गंवाएं और देश के विविध शिल्पकलाओं को अपनाने में अपना योगदान दें। यह मेला न केवल एक व्यापारिक मंच है, बल्कि भारतीय हस्तशिल्प की विरासत को संरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।