वन मंत्री की अप्रत्याशित जाँच में बेंगलुरु स्थित प्रदूषण परीक्षण प्रयोगशाला में मानक उल्लंघन और डेटा हेरफेर की गंभीर irregularities उजागर हुईं, जिससे पर्यावरणीय निगरानी प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं।