एमओएचयूए के शहरी विकास विभाग के सचिव ने पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत सीएसएमसी की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की
एमओएचयूए के शहरी विकास विभाग के सचिव ने 17 अक्टूबर, 2026 को सीएसएमसी की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की, जहां पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत शहरी विकास की प्रगति, फंडिंग की स्थिति और सामान्य आधार संरचना (CBS) के कार्यान्वयन पर विस्तृत चर्चा हुई।
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17 अक्टूबर, 2026 (शनिवार) को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण शहरी नीति बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंत्रालय ऑफ हाउसिंग एंड रूरल अफेयर्स (एमओएचयूए) के शहरी विकास विभाग के सचिव ने शहरी विकास मिशन का समन्वय करने वाली समिति (सीएसएमसी) की 10वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य विषय प्रधानमंत्री आवास योजना-शहर (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत देशभर में हो रही प्रगति की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करना था। बैठक में केंद्रीय मंत्रालय के उच्च अधिकारियों, राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों और संबंधित शहरी निकायों की ओर से भेजे गए विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
सचिव ने बैठक के आरंभ में पीएमएवाई-यू 2.0 के मूल उद्देश्यों की याद दिलाते हुए बताया कि यह योजना गरीबों और कम आय वाले वर्गों को सशक्त बनाकर उन्हें सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन की गई है। उन्होंने बताया कि अब तक पूरे देश में योजना के तहत लाखों आवासों के निर्माण का काम शुरू हो चुका है, जिससे अत्यधिक बेरोजगारी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में भूखंड उपलब्धता, पर्यावरण संबंधी अनुमति और वित्तीय सहयोग के वितरण जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए राज्य स्तर पर त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक के दौरान सामान्य आधार संरचना (कॉमन बेसिक सर्विस) के कार्यान्वयन पर भी गहन चर्चा हुई। सचिव ने स्पष्ट किया कि केवल मकान बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जल आपूर्ति, गटरी सिस्टम, सड़कें, बिजली और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विकास भी समान रूप से प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे सीएसएमसी की पिछली बैठकों में दिए गए सिफारिशों का पालन सुनिश्चित करें और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आवंटित कोष का समय पर और प्रभावी उपयोग करें।
इसमें उल्लेखनीय था कि बैठक में नए जिलों और नगर पालिकाओं को योजना में शामिल करने की प्रक्रिया को भी तेज करने की बात कही गई। सचिव ने कहा कि एमओएचयूए की ओर से सभी तकनीकी और प्रशासनिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि कोई भी शहरी निकाय पीएमएवाई-यू 2.0 के लाभों से वंचित न रहे। बैठक के अंत में एक संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसमें सभी पक्षकारों ने शहरीकरण की चुनौतियों का सामना करने के लिए सहयोग और समन्वय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह 10वीं बैठक अगले चरण की कार्य योजना तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई, जो देश के शहरी विकास के रास्ते को और मजबूत करने में सहायक होगी।