राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन– रबी अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्रेस कॉन्फ्रेंस
केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के दौरान रबी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों और आने वाले मौसम की तैयारियों पर विस्तृत प्रकाश डाला।
Journalism India··1 व्यूज़·3 मिनट पढ़ें
नई दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन के अंतिम दिन, केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस वार्ता के माध्यम से देश के किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को संबोधित किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य उद्देश्य आगामी रबी मौसम के लिए रणनीतिक तैयारियां करने और फसल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करना था। मंत्री श्री चौहान ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रबी अभियान के तहत किए गए प्रमुख बदलावों और नई पहलओं के बारे में जानकारी दी, जिसमें बुवाई के समय, बीजों की गुणवत्ता और जल प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया।
श्री शिवराज सिंह चौहान ने तर्क दिया कि रबी फसलों, विशेष रूप से गेहूं और सरसों, की उपज को बढ़ाने के लिए समयबद्ध बुवाई अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने किसानों को सही समय पर बुवाई करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई प्रोत्साहन पैकेजों का ऐलान किया है। इन पैकेजों में उन्नत किस्मों के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है, जो कीटों और रोगों के प्रति प्रतिरोधी हैं। मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि दुष्प्रभावित मौसम के प्रति संवेदनशील होने के कारण, किसानों को मौसम के पूर्वानुमान (weather forecast) को ध्यान में रखकर ही बुवाई का निर्णय लेना चाहिए, ताकि छटा या कालीमारी जैसी समस्याएं न फैलें।
जल संसाधनों के प्रबंधन पर बल देते हुए, श्री चौहान ने बताया कि सरकार ड्रिप सिंचाई और स्प्रे सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाए जाने पर प्रोत्साहन दे रही है। उन्होंने कहा कि जल उल्लंघन को रोकने के लिए सिंचाई प्रणालियों में बदलाव जरूरी है, जिससे न केवल उपज बढ़ेगी बल्कि खरीद की लागत भी घटेगी। इसके अलावा, मंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, जहां किसानों को सीधे तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का जिक्र भी किया। उन्होंने उल्लेख किया कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के तहत खरीदी प्रक्रिया को और अधिक सुचारू बनाने के लिए वित्तीय संस्थाओं के साथ समन्वय किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य यह है कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मुआवजा मिले और वे आत्मनिर्भर हो सकें।
सम्मेलन के समापन पर, मंत्री ने सभी कृषि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और किसान संगठनों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने आगे कहा कि रबी अभियान केवल एक मौसमी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। श्री चौहान ने आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव प्रयास करेगी ताकि इस मौसम में लक्षित उपज प्राप्त की जा सके और किसानों के चेहरों पर मुस्कान बना रहे। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस न केवल किसानों के लिए मार्गदर्शक साबित हुई, बल्कि कृषि नीतिगत बदलावों की दिशा को भी स्पष्ट किया।