केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने निवेश और वित्तीय सहयोग को सुदृढ़ करने पर केंद्रित सिंगापुर की अपनी सफल यात्रा का समापन किया
केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने सिंगापुर में अपने दौरे के दौरान निवेश व वित्तीय सहयोग को बढ़ाने हेतु कई पहलें कीं, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नया आयाम मिला।
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केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को सिंगापुर में अपने सफल दौरे का समापन किया, जिसमें उन्होंने निवेश एवं वित्तीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। इस दौरे के दौरान उन्होंने सिंगापुर के प्रमुख वित्तीय अधिकारियों, निवेशकों और व्यापारिक नेताओं के साथ बैठकें कीं, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत किया गया।
सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सियू तुंग के साथ एक औपचारिक स्वागत समारोह के बाद, श्रीमती सीतारमण ने सिंगापुर के वित्त मंत्रालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एरन सिंग के साथ मिलकर वित्तीय क्षेत्र के नवीनतम रुझानों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल वित्त, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी और हरित वित्तीय उत्पादों पर गहन संवाद किया, ताकि भारत और सिंगापुर दोनों के निवेशकों को नई संभावनाओं का लाभ मिल सके।
दौरान की मुख्य बैठक में, दोनों देशों ने एक नया निवेश फ्रेमवर्क बनाने की बात की, जो भारतीय कंपनियों को सिंगापुर के बाज़ार में सहज प्रवेश और सिंगापुर के निवेशकों को भारतीय बाज़ार में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस फ्रेमवर्क के तहत, दोनों पक्षों ने निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने, नियामक बाधाओं को कम करने और कर प्रोत्साहनों को बढ़ाने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने का निर्णय लिया।
श्रीमती सीतारमण ने सिंगापुर के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज, सिंगापुर एक्सचेंज (SGX) के साथ भी एक रणनीतिक साझेदारी पर सहमति व्यक्त की। इस साझेदारी के तहत, भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों को SGX के साथ मिलकर नई तकनीकी प्लेटफार्मों पर सूचीबद्ध होने का अवसर मिलेगा, जिससे भारतीय कंपनियों को वैश्विक निवेशकों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
इसके अतिरिक्त, सिंगापुर के प्रमुख बैंकिंग संस्थानों के साथ भी कई टॉवर-टू-टॉवर बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में, दोनों पक्षों ने भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल बैंकिंग, फिनटेक और इन्श्योरटेक के विकास पर चर्चा की। श्रीमती सीतारमण ने बताया कि भारत में फिनटेक स्टार्टअप्स की तेजी से बढ़ती संख्या को देखते हुए, सिंगापुर के निवेशकों के लिए भारतीय बाज़ार में बड़ी संभावनाएँ हैं।
सिंगापुर में अपने प्रवास के दौरान, श्रीमती सीतारमण ने सिंगापुर के प्रमुख विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के साथ भी सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से वित्तीय शिक्षा और शोध कार्यक्रमों में सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, ताकि दोनों देशों के छात्रों और शोधकर्ताओं को नई सीखने और शोध के अवसर मिल सकें।
दौरे के समापन पर, श्रीमती सीतारमण ने कहा, “भारत और सिंगापुर के बीच आर्थिक संबंधों को और गहरा करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। हम दोनों देशों के बीच निवेश, वित्तीय सेवाओं और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई साझेदारियों के लिए तत्पर हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत के निवेशकों के लिए सिंगापुर एक प्रमुख गंतव्य बन रहा है और सिंगापुर के निवेशकों के लिए भारत एक आकर्षक बाज़ार बनता जा रहा है।
सिंगापुर के वित्त मंत्रालय ने इस दौरे के बाद एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की, जिसमें कहा गया कि भारत और सिंगापुर के बीच निवेश और वित्तीय सहयोग के क्षेत्र में यह नया चरण दोनों देशों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नई साझेदारियाँ दोनों देशों के आर्थिक विकास में योगदान देंगी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाएँगी।
इस दौरे के अंतर्गत, भारत और सिंगापुर के बीच एक नया वित्तीय सहयोग ढाँचा स्थापित किया गया, जो निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा, नियामक बाधाओं को कम करेगा और कर प्रोत्साहनों को बढ़ाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देने के साथ-साथ वैश्विक वित्तीय बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा को भी सुदृढ़ करेगा।