नागर विमानन मंत्रालय ने चक्रवात "अर्नब" की स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की
नागर विमानन मंत्रालय ने चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव को देखते हुए हवाई अड्डों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पुनर्मूल्यांकन किया। मंत्रालय ने एयरलाइन्स और हवाई अड्डे प्रबंधन से परिचालन तैयारियों की स्थिति की व्यापक समीक्षा का निर्देश दिया।
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28 अक्टूबर, 2026 को नागर विमानन मंत्रालय ने चक्रवात 'अर्नब' की वर्तमान स्थिति और संभावित प्रभावों को लेकर एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में चक्रवात के आगमन के दौरान हवाई अड्डों के सुरक्षित और सुचारू परिचालन के लिए आवश्यक सभी कदमों पर विचार-विमर्श किया गया। मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि यात्रियों और स्टाफ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट रहने की हिदायत दी गई है।
समीक्षा के दौरान, नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन्स, हवाई अड्डे प्रबंधन वायुसेवा कंपनियों और अन्य संबंधित हितधारकों से चक्रवात 'अर्नब' के कारण हो सकती बाधाओं के लिए तैयारी की स्थिति के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मंत्रालय ने खासकर उन हवाई अड्डों पर ध्यान केंद्रित किया जहाँ चक्रवाती हवाओं और भारी वर्षा की संभावनाएं अधिक हैं। इन स्थानों पर अवरोधक दीवारों, घास काटने के उपकरणों और जल निकासी प्रणालियों की समीक्षा करवाई गई ताकि चक्रवात के दौरान परिचालन में कोई गंभीर बाधा न आए।
हवाई अड्डे प्रबंधन से भी अनुरोध किया गया है कि वे स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के साथ समन्वय बनाए रखें। मंत्रालय ने सलाह दी है कि यदि मौसम की स्थिति खराब होती है, तो उड़ानों में देरी या रद्दीकरण के संदर्भ में यात्रियों को समय पर जानकारी दी जाए और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्थाओं के बारे में सूचित किया जाए। साथ ही, एयर ट्राफिक कंट्रोल (ATC) को भी सलाह दी गई है कि वे चक्रवाती क्षेत्र में उड़ानों के मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें और आवश्यकता पड़ने पर उड़ानों को पुनर्निर्देशित करें।
नागर विमानन मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चक्रवात 'अर्नब' की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले कुछ दिनों में मौसम की स्थिति में बदलाव की संभावना को देखते हुए, सभी हवाई अड्डों को 24 घंटे के बेसिस पर सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संसाधनों को तैनात रखने की हिदायत दी गई है। मंत्रालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चक्रवात के प्रभाव के दौरान भी नागरिक हवाई यातायात में न्यूनतम बाधा आए और यात्रियों का अनुभव सुरक्षित बना रहे।
इस बैठक में यह भी तय किया गया कि चक्रवात के बाद के दौर में हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे की समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी नुकसान को तुरंत ठीक किया जा सके और सामान्य परिचालन जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। नागर विमानन मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों को आश्वासन दिया है कि वे चक्रवात 'अर्नब' से जुड़ी हर संभव उपाय के लिए समर्पित हैं और यात्रा की सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।