वंदे मातरम् के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने पर युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए श्री शिवराज सिंह चौहान, सात राज्यों के युवाओं के साथ किया पौधारोपण
श्री शिवराज सिंह चौहान ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरा होने के अवसर पर सात राज्यों से आए युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम में भाग लिया और ट्रेडिशनल तरीके से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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बुधवार, 17 अक्टूबर 2026 को, राष्ट्रगान 'वंदे मातरम्' की रचना के 150 गौरवशाली वर्षों के पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर एक विशेष 'युवा संवाद कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री शिवराज सिंह चौहान का सम्मान किया गया, जिन्होंने अपने युवा पीढ़ी के प्रति असाधारण प्रेम और देशभक्ति से जुड़े अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर सात विभिन्न राज्यों से आए युवा प्रतिनिधिमंडल उपस्थित रहे, जिनके साथ श्री चौहान ने मिलकर पौधारोपण किया, जिससे कार्यक्रम को एक आध्यात्मिक और पर्यावरणीय आयाम प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के आरंभ में श्री शिवराज सिंह चौहान ने 'वंदे मातरम्' के इतिहास को याद करते हुए कहा कि यह राष्ट्रगान केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा है, जिसने देशवासियों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने 150 वर्ष के इस सिलविलेबरेशन को एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा, जहां युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ आधुनिक चुनौतियों का भी सामना करना होगा। श्री चौहान ने बताया कि युवा संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य ही यह है कि युवा पीढ़ी अपने अनुभव, मुश्किलें और सपने साझा करके एक सामंजस्यपूर्ण समाज का निर्माण करे।
संवाद सत्र के दौरान श्री शिवराज सिंह चौहान ने सात राज्यों से आए युवाओं से सीधे बातचीत की, जिनमें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। युवाओं ने अपने क्षेत्रों की विशेष समस्याएं और संभावनाएं प्रस्तुत कीं, जिन पर मुख्य अतिथि ने प्रोत्साहनपूर्ण प्रतिक्रिया दी और उन्हें देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यही युवा भारत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने वाले होंगे।
कार्यक्रम के सबसे मर्मस्पर्शी दृश्य में, श्री शिवराज सिंह चौहान ने सात राज्यों के युवाओं के साथ मिलकर पौधारोपण किया। इस कार्य को 'सह प्रकृति, सह प्रगति' के संदेश के साथ अंजाम दिया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत के निर्माण पर जोर देना था। पौधारोपण के बाद उन्होंने सभी उपस्थित युवाओं को पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी लेने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में, श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी उपस्थित युवाओं को 'वंदे मातरम्' के 150 वर्षों के इस अमूल्य उपहार के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें देश के प्रति निष्ठावान रहने की सलाह दी। इस कार्यक्रम ने न केवल राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रबल किया, बल्कि युवाओं के बीच सहयोग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी फैलाई। इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए आयोजित किए गए इस संवाद और पौधारोपण कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के नए परिप्रेक्ष्य प्रदान किया।