केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मिजोरम में विकास-केंद्रित कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मिजोरम में विकास के लिए कई योजनाओं का उद्घाटन किया, जिससे राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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मिजोरम, 12 अक्टूबर 2026 – आज मिजोरम के राजधानी शहर इज़ाराम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विकास-केंद्रित योजनाओं के शुभारंभ का वचन दिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मिजोरम के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
मंत्रियों के भाषण के दौरान, सिंधिया ने बताया कि सरकार ने मिजोरम में कुल ₹12,000 करोड़ की निवेश राशि तय की है, जिसमें मुख्य रूप से सड़क, पुल, जल आपूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में 2000 नई सड़कें बनाने की योजना का उल्लेख किया, जिससे दूरस्थ गांवों को मुख्य शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, मंत्रियों ने मिजोरम में 500 नई सरकारी स्कूलों के निर्माण और मौजूदा स्कूलों के नवीनीकरण के लिए भी धनराशि आवंटित करने की बात कही। इस पहल से 2 लाख छात्रों को बेहतर शिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में निवेश के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा के लिए 1000 नई डिजिटल लैब्स भी स्थापित की जाएंगी।
सिंधिया ने रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी कई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने मिजोरम में 10 लाख नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखा है, जिसमें 70 प्रतिशत नौकरियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में होंगी। इसके लिए सरकार ने मिजोरम में 50 नई औद्योगिक पार्कों की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा है, जहाँ स्थानीय कारीगरों और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
कार्यक्रम में मिजोरम के मुख्यमंत्री मिरा सिंग ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और उन्होंने यह भी वादा किया कि सरकार सभी योजनाओं को समय पर लागू करेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मिजोरम की सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता को संरक्षित करते हुए विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
मिजोरम के प्रमुख पर्यटन स्थल, जैसे कि मिजोरम हाई टेरेस, मिजोरम राष्ट्रीय उद्यान और इज़ाराम की जलप्रपात, अब अधिक सुलभ हो जाएंगे। सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 200 नई होटल और रिसॉर्ट परियोजनाओं की भी योजना बनाई है।
इस कार्यक्रम में मिजोरम के प्रमुख उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। उन्होंने सरकार की योजनाओं का समर्थन करते हुए कहा कि यह विकास का सही समय है और राज्य को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में मदद करेगा।
सिंधिया ने कार्यक्रम के अंत में कहा, “हमारा लक्ष्य मिजोरम को एक समृद्ध, स्वावलंबी और सशक्त राज्य बनाना है। हम सभी मिलकर इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
मिजोरम में इस कार्यक्रम के बाद सरकार ने कहा कि आने वाले महीनों में परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत कार्य योजनाएँ जारी की जाएंगी। इसके साथ ही, मिजोरम के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास के लिए नई पहलें भी शुरू की जाएंगी।
इस प्रकार, केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में मिजोरम के विकास के लिए एक नई दिशा तय हुई है, जो आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की उम्मीद जगाती है।