केंद्रीय सूचना आयोग ने 14 सितंबर, 2026 से 28 सितंबर, 2026 तक हिंदी पखवाड़ा 2026 का आयोजन किया
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने 14 से 28 सितंबर 2026 की अवधि में 'हिंदी पखवाड़ा 2026' का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संस्थागत स्तर पर हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और सरकारी संवादों में भारतीय भाषाओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना था।
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केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission, CIC) ने राष्ट्रीय भाषा नीति के मद्देनजर और हिंदी के प्रचार-प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए 14 सितंबर, 2026 से 28 सितंबर, 2026 तक 'हिंदी पखवाड़ा 2026' का विस्तृत कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह दोहरे स्तर पर महत्वपूर्ण रहा, न केवल इसलिए कि यह आयोग की आंतरिक संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास था, बल्कि यह उस अधिकारिक दृष्टिकोण का भी प्रतीक था जिसके तहत संस्थाएं जनसंपर्क और भीतरी कार्यों दोनों में हिंदी को समान महत्व देती हैं।
आयोजित पखवाड़े के दौरान, आयोग की कार्यालय परिसर में एक विशेष भाषाई वातावरण सृजित किया गया। इस अवधि के दौरान सभी आधिकारिक बैठकों, प्रेस विज्ञापनों, आंतरिक परिपत्रों और सार्वजनिक सूचनाओं को हिंदी में ही जारी किया गया। आयोग ने यह सुनिश्चित किया कि प्रशासनिक कार्य प्रवाह में कहीं भी अंग्रेजी या अन्य भाषाओं का अनिवार्यता में प्रयोग न हो, जब तक कि यह तकनीकी या वैश्विक मानकों के अनुरूप आवश्यक न हो। इस प्रयास से कर्मचारियों में हिंदी के व्याकरण, शब्दावली और औपचारिक लेखन क्षमताओं को परिष्कृत करने की प्रवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
हिंदी पखवाड़ा 2026 के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और शिक्षाप्रद कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिनमें हिंदी कविता प्रतियोगिता, निबंध लेखन कार्यशाला और हिंदी साहित्य पर चर्चा शामिल थीं। इन गतिविधियों का उद्देश्य केवल भाषाई दक्षता को बढ़ाना ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों में अपनी मातृभाषा और राष्ट्रीय भाषा के प्रति आत्मविश्वास और घमंड की भावना को जीवंत करना भी था। आयोग के प्रमुख अधिकारियों ने इस अवसर पर यह स्पष्ट किया गया कि सूचना प्रौद्योगिकी के युग में भी भाषाई पहचान समझौता योग्य नहीं है।
इस अभियान का सीधा प्रभाव आयोग द्वारा जारी किए गए निर्णयों और सूचनाओं की व्यापक पहुँच पर पड़ा। जब अधिकारिक दस्तावेज़ और फैसले सरल और स्पष्ट हिंदी में प्रकाशित किए गए, तो यह जनता के लिए अधिक सुलभ बन गए। विशेष रूप से उन वर्गों के लिए, जो अंग्रेजी में आराम नहीं महसूस करते, यह पहल एक स्वागत योग्य कदम मानी गई। आयोग ने स्वीकार किया कि प्रौद्योगिकी का विस्तार भाषाई बाधाओं को दूर करने का एक अवसर प्रदान करता है, और हिंदी पखवाड़ा इस संभावना को गहरा करने का एक व्यावहारीक माध्यम रहा।
28 सितंबर, 2026 को समाप्त हुए इस पखवाड़े के अंत में, आंतरिक मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, हिंदी का प्रयोग केवल एक बाध्यकारी निर्देश के रूप में नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक और पसंदीदा संचार माध्यम के रूप में स्वीकार किया जाने लगा। केंद्रीय सूचना आयोग ने घोषणा की कि हिंदी पखवाड़ा 2026 का यह अनुभव आगे की योजनाओं में शामिल किया जाएगा, ताकि भाषाई साक्षरता और संस्थागत एकता को बनाए रखा जा सके। यह पहल अन्य केंद्रीय संगठनों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में सामने आई, जिसने दिखाया कि संस्थागत स्तर पर भाषाई पहचान को कैसे प्रभावी ढंग से आत्मसात किया जा सकता है।