धनतेरस पर स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: प्रतापराव जाधव
प्रतापराव जाधव ने धनतेरस के अवसर पर लोगों को आर्थिक प्रगति के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम की अहमियत पर बल दिया।
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वर्ष 2026 की 4 नवंबर को, जब पूरा देश धनतेरस की आध्यात्मिक और आर्थिक महत्व को समझते हुए इस पर्व की तैयारियों में व्यस्त है, वहीँ प्रतापराव जाधव ने एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को याद दिलाया है कि धन का संचय और आर्थिक समृद्धि के पीछे भागते हुए, हमें अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रतापराव जाधव का मानना है कि धनतेरस केवल सोने, चांदी या नोटों की खरीदारी का दिन नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा दिन है जब हमें अपने जीवन की सबसे बड़ी पूंजी, यानी 'स्वास्थ्य' की कीमत पर विचार करना चाहिए।
जाधव ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि आधुनिक जीवनशैली में उच्च तनाव, अनियमित भोजन और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने लोगों को कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की चपेट में ला दिया है। ऐसे में धनतेरस पर कारोबारियों और आम जनता को यह निश्चित करना चाहिए कि वे जो भी खरीदारी कर रहे हैं, वह उनके स्वास्थ्य के अनुकूल हो। उन्होंने चेतावनी दी कि अत्यधिक मिर्च-मसाले, तला-भुने हुए पदार्थों और चीनी से भरपूर आहार का सेवन अल्पावधि में तो स्वाद देता है, लेकिन दीर्घावधि में मधुमेह, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग जैसे गंभीर बीमारियों का कारण बनता है।
प्रतापराव जाधव ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए कुछ मुख्य सिद्धांतों का उल्लेख किया है। सबसे पहले, उन्होंने संतुलित आहार की सिफारिश की है जिसमें ताजे फल, हरी सब्जियां, दालें और ओट्स जैसी फाइबर युक्त चीजें शामिल हों। उन्होंने कहा कि धनतेरस की पूजा के बाद भोजन करते समय भी माप की सीमा का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। दूसरा, नियमित व्यायाम का पालन। जाधव ने सुझाव दिया कि बिना किसी विशेष जिम या उपकरण के भी, रोजाना 30 मिनट की सैर या हल्की शारीरिक गतिविधियां करना शरीर को सक्रिय रखने के लिए पर्याप्त है।
इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य को भी इस समीकरण में शामिल करते हुए, जाधव ने पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन की सलाह दी। उन्होंने कहा कि धन के प्रति अत्यधिक लालच या भविष्य की चिंता मन को थकाती है, इसलिए धनतेरस पर धन की पूजा के साथ-साथ अपने मन को शांत रखने और कृतज्ञता महसूस करने पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
अंत में, प्रतापराव जाधव ने सभी को धनतेरस की शुभकामनाएं देते हुए यह आग्रह किया कि इस सांवत्सरिक पर्व को एक नई शुरुआत के रूप में लें। उनके शब्दों के अनुसार, "असली धन वही है जो आपके शरीर को स्वस्थ और मन को प्रसन्न रखे।" इसलिए, आर्थिक प्रगति के साथ-साथ एक स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाना ही इस पर्व की सबसे बड़ी पूजा है।