केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 के तहत सफाई मित्रों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर और ‘संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 'विशेष अभियान 6.0' के तहत देशभर के सफाई मजदूरों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए विशेष जांच शिविरों और 'संवाद' बैठकों का शुरुआती किया है, जिसमें उनके सामने आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का निवारण और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
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नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2026 – संविधान के आर्टिकल 21 के तहत जीवन का अधिकार हर नागरिक के लिए प्राथमिकता है, विशेषकर उन वर्गों के लिए जो समाज की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अथक परिश्रम करते हैं। इसी दृष्टि को ध्यान में रखते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 'विशेष अभियान 6.0' के तहत देश भर के सफाई मितरों (Swachh Bharat Mission Abhiyaan के तहत काम करने वाले मजदूर) के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य जांच शिविर और 'संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया है। यह पहल न केवल इन श्रमिकों के शारीरिक स्वास्थ्य की निगरानी के लिए है, बल्कि उनके सामाजिक और मानवीय अधिकारों के प्रति सरकार के प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
'विशेष अभियान 6.0' का मुख्य उद्देश्य सफाई मजदूरों में व्याप्त रोगों, विशेष रूप से त्वचा संबंधी समस्याओं, सांस की पथरी, और लंबी अवधि के परिश्रम के कारण होने वाली हड्डी-पेशी संबंधी बीमारियों की पहचान करना और उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करना है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के तहत देश के प्रमुख शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMUs) के ज़रिए व्यापक स्क्रीनिंग की जा रही है। इन शिविरों में वरिष्ठ चिकित्सकों, पैथोलॉजिस्ट और फिजियोथेरेपिस्ट की टीम मौजूद रहती है, जो मजदूरों की विस्तृत जांच करके उन्हें आवश्यक दवाइयां और भविष्य की देखभाल के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
इसके साथ ही, 'संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसका मूल उद्देश्य सफाई मजदूरों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। इन बैठकों में, मजदूरों को उनके मुद्दों, चिंताओं और सुझावों को व्यक्त करने का एक सुरक्षित और खुला मंच प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों, बीमा योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी इन बैठकों में विस्तार से साझा की गई। 'संवाद' कार्यक्रम को सफल माना जा रहा है, क्योंकि इसने मजदूरों और अधिकारियों के बीच का दूरी को कम करने में सहायता प्रदान की है और उनके बीच विश्वास का बंधन मज़बूत किया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने नोट किया कि "सफाई मजदूर हमारे शहरों की रीढ़ की हड्डी हैं। यदि इन्हें स्वस्थ नहीं रखा गया, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित होगा। 'विशेष अभियान 6.0' हमारी इस दायित्व को निभाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले महीनों में इस अभियान को और विस्तार दिया जाएगा, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य सहायता और पेंशन योजनाओं से जुड़ी सहायता भी शामिल की जाएगी।
यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को सुनिश्चित करती है, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों के प्रति समाज के समक्ष एक सकारात्मक संदेश भी देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे अभियान निरंतरता के साथ चलाए जाएंगे, तो सफाई मजदूरों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा और वे अपने अधिकारों के बारे में अधिक सचेत होंगे। केंद्र सरकार द्वारा किए गए इस कदम का सराहना करते हुए, श्रमिक संघों ने भी सरकार से अपील की है कि यह अभियान एक बार की नहीं, बल्कि वार्षिक आधार पर नियमित रूप से चलाया जाए ताकि हर सफाई मजदूर को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें।