प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के दौरान मां कालरात्रि की प्रार्थना की
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद रफ़ी ने नवरात्रि के पवित्र अवसर पर मां कालरात्रि की आराधना के लिए विशेष प्रार्थना की, जिससे इस दिव्य पर्व पर उनके आध्यात्मिक अनुभव की गहराई उजागर हुई।
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पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शेख मोहम्मद रफ़ी ने नवरात्रि के पावन अवसर पर मां कालरात्रि के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए एक विशेष प्रार्थना अर्पित की। यह घटना 17 अक्टूबर 2026 को लाहौर के ऐतिहासिक फोर्ट-हाउस परिसर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान हुई, जहाँ हजारों श्रद्धालु और सरकारी अधिकारी उपस्थित थे।
शेख रफ़ी ने इस प्रार्थना के दौरान मां कालरात्रि के गुणों और उनके द्वारा समर्पित आध्यात्मिक मार्गदर्शन को उजागर किया। उन्होंने कहा, “मां कालरात्रि हमें सिखाती हैं कि जीवन के हर चरण में धैर्य और समर्पण से कार्य करना चाहिए। उनका आशीर्वाद हमें न केवल व्यक्तिगत शांति देता है, बल्कि समाज के लिए भी समृद्धि और सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करता है।”
इस कार्यक्रम की शुरुआत लाहौर के प्रतिष्ठित शाही महल में हुई, जहाँ शेख रफ़ी ने प्रथम रूप से एक प्रार्थना पांडुलिपि को पवित्र जल में डुबोया। इसके पश्चात्, उन्होंने एक विशेष भजन “कालरात्रि भक्ति गीत” का पाठ किया, जिसे स्थानीय पंडित और संगीतकारों ने मनमोहक धुनों के साथ प्रस्तुत किया।
समारोह के दौरान शेख रफ़ी ने यह भी उल्लेख किया कि नवरात्रि के दौरान मां कालरात्रि की पूजा का एक ऐतिहासिक महत्व है। उन्होंने बताया कि इस पर्व के दौरान मां कालरात्रि के गुणों का वर्णन करने वाली प्राचीन ग्रंथों में यह स्पष्ट किया गया है कि “कालरात्रि की शक्ति से व्यक्ति अपने भीतर के अंधकार को मिटाकर उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकता है।”
इस प्रार्थना के बाद, शेख रफ़ी ने एक विशेष आशीर्वाद सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को “कालरात्रि की कृपा” से आशीर्वादित किया। उन्होंने सभी को यह भी याद दिलाया कि नवरात्रि के दौरान मां कालरात्रि की पूजा से समाज में शांति और एकता की भावना प्रबल होती है।
समारोह के अंत में, शेख रफ़ी ने एक छोटा सा भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि “मां कालरात्रि के आशीर्वाद से हम सभी को अपने कार्यों में समर्पण और निष्ठा की प्रेरणा मिलेगी। हमें इस पवित्र पर्व को एक नए सिरे से अपनाना चाहिए और समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए।”
इस कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक परंपराओं को उजागर किया, बल्कि पाकिस्तान के राजनीतिक और सामाजिक ताने-बाने में आध्यात्मिक मूल्यों की महत्ता को भी रेखांकित किया। शेख रफ़ी की इस प्रार्थना से यह स्पष्ट हुआ कि वे अपने आध्यात्मिक विश्वासों को सार्वजनिक जीवन के साथ जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे उनकी नीतिगत दिशा में एक नया आयाम जुड़ता है।
सारांशतः, शेख मोहम्मद रफ़ी द्वारा नवरात्रि के दौरान मां कालरात्रि की प्रार्थना ने पाकिस्तान में धार्मिक एकता और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया। यह घटना दर्शाती है कि कैसे राजनीतिक नेतृत्व और धार्मिक परंपराएँ एक साथ मिलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।