राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 का ओडिशा के भुवनेश्वर में उद्घाटन
राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 का शुभारंभ ओडिशा के भुवनेश्वर में हुआ, जहाँ शहरी विकास, 지속可能な जीवन शैली और आधुनिक बुनियादी ढांचे पर विस्तृत चर्चा की गई।
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साल 2026 के महत्वपूर्ण शहरी नीतिगत इवेंट्स में से एक, 'राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026', का औपचारिक उद्घाटन ओडिशा के राजधानी भुवनेश्वर में हुआ। यह सम्मेलन देशभर से आने वाले शहरी नियोजकों, नीतिविदों, शहरी विकास विशेषज्ञों, अकादमिक वित्तीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रस्तुत करता है, जहाँ आने वाले दशक में शहरों की भविष्य की रूपरेखा तय करने के लिए रणनीतिक चर्चाएं की गईं।
सम्मेलन के प्रथम दिन की कार्यवाही में प्रमुख विषयों में से एक 'निवेश और शहरी बुनियादी ढांचे का विकास' था। भाग लेने वाले विशेषज्ञों ने ध्यान आकर्षित किया कि आगामी वर्षों में शहरी क्षेत्रों में निवेश के नए मॉडलों की आवश्यकता है, जो न केवल आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करें, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलन भी बनाए रखें। ओडिशा के भुवनेश्वर को इस सम्मेलन की मेजबानी का पद सौंपा जाना इसलिए विशेष महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में शहरी नियोजन और प्रशासनिक सुधारों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
कार्यक्रम के दौरान कई मंच चर्चाओं (पैनल डिस्कशन्स) का आयोजन किया गया, जिनमें स्मार्ट सिटी इनिशिएटिव, ग्रीन बिल्डिंग कोड्स, और शहरी गणतंत्र के प्रबंधन पर विचार-विमर्श हुआ। एक प्रमुख पैनल में, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि जनसंख्या वृद्धि और शहरीकरण की तेज गति को देखते हुए, पारंपरिक शहरी योजनाओं में संशोधन आवश्यक है। उन्होंने तर्क दिया कि भुवनेश्वर जैसे शहर, जो प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक संरचनाओं का संगम हैं, अन्य शहरों के लिए एक मॉडल बन सकते हैं, बशर्ते वहाँ पर्यावरण-अनुकूल नीतियों को सख्ती से लागू किया जाए।
सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत कार्यशालाओं के साथ हुई, जहाँ स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने केंद्रीय सरकार की नवीनतम शहरी नीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने की चुनौतियों पर चर्चा की। मुख्य अतिथियों ने अपनी भाषणों में यह बातकरा की शहरी विकास केवल इमारतें बनाना नहीं है, बल्कि यह लोगों की जीवन गुणवत्ता (Quality of Life) को बेहतर बनाने की प्रक्रिया है। उन्होंने जोर दिया कि सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता प्रबंधन, और डिजिटल गवर्नेंस में सुधार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भुवनेश्वर में हो रहे इस राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2026 का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना और साझा समस्याओं के समाधान खोजना है। आयोजकों के अनुसार, इस सम्मेलन के अंत में एक 'भुवनेश्वर घोषणा' जारी की जाएगी, जिसमें शहरी विकास के लिए 10 बिंदुओं की रणनीतिक रोडमैप शामिल होगी। यह घोषणा राज्यों और केंद्र सरकार को प्रेरित करेगी कि वे अपने शहरी नीतिगत दस्तावेजों में बदलाव करें ताकि 2030 तक भारत के शहर और अधिक बहादुर, स्मार्ट और निरंतर (sustainable) हो सकें। सम्मेलन के समापन तक, भागीदारों ने यह संकल्प लिया कि भुवनेश्वर में की गई चर्चाओं को प्रत्यक्ष कार्रवाई में बदला जाएगा, जिससे देश के शहरी भविष्य को नई दिशा प्राप्त होगी।