सीएक्यूएम ने वायु गुणवत्ता सूचकांक में तेज़ बढ़ोतरी के बीच दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप का चरण I तुरंत प्रभाव से लागू किया
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (डीएनसीए) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में अचानक हुई तीव्र वृद्धि के कारण, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडिएंट एक्शन प्लान (ग्रैप) के चरण I को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है।
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दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (डीएनसीए) में वायु प्रदूषण के स्तर में हुई चिंताजनक वृद्धि के मद्देनजर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने घोषणा की है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में दर्ज की गई तेज़ बढ़ोतरी के कारण, ग्रेडिएंट एक्शन प्लान (ग्रैप) के चरण I के सभी नियम और मापदंड तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएंगे। यह कदम इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता बिगड़ रही है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो गई है।
सीएक्यूएम के अधिकारियों ने बताया कि जब तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का मान 'अच्छे' श्रेणी में वापस नहीं आ जाता, ग्रैप के चरण I के तहत सभी मॉनिटरिंग प्रणालियां सक्रिय रहेंगी और प्रदूषण नियंत्रण के उपाय जारी रहेंगे। इस दौरान दिल्ली और परिसर के सभी उद्योगों, निर्माण स्थलों, और अन्य वायु प्रदूषक स्रोतों को सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है। यदि वायु गुणवत्ता और बिगड़ती है और एक्यूआई का स्तर 'खराब' या उससे भी गंभीर श्रेणी में पहुंच जाता है, तो ग्रैप के अगले चरणों, यानी चरण II और चरण III को सक्रिय करने पर विचार किया जाएगा।
छत्तीसगढ़, या अन्य राज्यों के लिए यह खबर अप्रासंगिक है, हालांकि दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के वायु प्रदूषण का प्रभाव पड़ोसी राज्यों, खास तौर पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों पर भी पड़ता है। सीएक्यूएम की इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल दिल्ली की राजधानी क्षेत्र में बालकों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना है, बल्कि वायु प्रदूषण के स्तर को स्वीकार्य सीमा में लाना भी है।
राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्रैप के चरण I के तहत बंदिस्त निर्माण स्थल, फैक्ट्रियों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की जांच, और वाहन नियमों का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, जैविक कचरे के जलाव, फसल अवशेषों के जलाव, और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीमों को दिन-रात मॉनिटरिंग जारी रखने का आदेश दिया गया है।
महानगरवासियों से अपील की गई है कि वे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, अनावश्यक यात्राओं को टालें, और घरों में वायु शुद्धिकरण उपकरणों का उपयोग करें। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी बदलाव और स्थिर हवाओं के कारण प्रदूषण के कण हवा में जमा हो रहे हैं, जिससे एक्यूआई में उछाल आया है। सीएक्यूएम ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया स्वतः-कार्यकारी है और प्रदूषण के स्तर के अनुसार ही अगले कदम उठाए जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन की सख्त कार्रवाई और जनता के सहयोग से कुछ दिनों के भीतर वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रैप की स्थिति सामान्य हो जाएगी।