केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की महापरिषद की 93वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की 93वीं महापरिषद बैठक नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जहाँ सहकारी क्षेत्र के आधुनिकीकरण और वित्तीय सहयोग पर चर्चा की गई।
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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण वित्तीय और सहकारी सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (National Cooperative Development Corporation - NCDC) की 93वीं महापरिषद की बैठक का उद्घाटन और अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने की। यह बैठक देश की सहकारी आर्थिक व्यवस्था के भविष्य की दिशा निर्धारित करने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां देशभर से आए सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी राय रखी।
श्री अमित शाह ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए सहकारी क्षेत्र को देश की आर्थिक मजबूती की नींव बताया। उन्होंने कहा कि NCDC सिर्फ एक वित्तीय संस्था नहीं है, बल्कि यह किसानों, छोटे कारीगरों और ग्रास-रूट स्तर के उद्यमियों के लिए एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में उभर रहा है। मंत्री जी ने तब मान्यता दी कि पिछले कुछ वर्षों में सहकारी संस्थाओं के पास लोन वितरण की दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे लाखों परिवारों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
बैठक के दौरान NCDC के प्रबंधन ने वर्ष 2025-26 के वित्तीय प्रदर्शन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के मुताबिक, निगम ने अपनी लोन पोर्टफोलियो को विविधता देने पर जोर दिया है, जिसमें कृषि उपकरणों की खरीद से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स तक के लिए वित्तीय सहायता शामिल है। महापरिषद के सदस्यों ने NCDC द्वारा शुरू किए गए डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहल के प्रशंसा की, जिससे अब लोन आवेदन से लेकर मंजूरी तक का पूरा प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी हो गया है।
इस बैठक में एक प्रमुख मुद्दा अगले वित्त वर्ष के लिए बजट आवंटन और ब्याज दरों में संभावित समायोजन था। कई क्षेत्रीय सहकारी संघों के अध्यक्षों ने आग्रह किया कि छोटे और मध्यम स्तर की सहकारी समितियों के लिए ऋण की सीमा को और बढ़ाया जाए और प्रोसेसिंग फीस में छूट दी जाए। श्री अमित शाह ने इन सुझावों को गंभीरता से लिया और निर्देश दिया कि NCDC की प्रबंधन टीम एक समर्पित समिति बनाकर इन समस्याओं के समाधान के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के अधीन एक स्वतंत्र खंड है, जिसका मुख्य उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को परामर्श, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान करना है। 93वीं महापरिषद के समापन के बाद जारी वक्तव्य में कहा गया कि सहकारी मॉडल को आधुनिक तकनीक और पारंपरिक मूल्यों के संतुलन से आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने NCDC की इस सफल पहल के लिए धन्यवाद जताया और ऐलान किया कि आगामी वर्ष में सहकारी क्षेत्र में और तेजी से विकास होगा। यह बैठक नई दिल्ली के केंद्र में स्थित एक प्रमुख सम्मेलन केंद्र में आयोजित की गई थी, जहां सुरक्षा और व्यवस्था के सभी प्रबंधन की गई।