राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने 9 अक्टूबर 2026 को तंजानिया के अरूशा में आयोजित अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं सभा के पांचवें और अंतिम दिन अपनी भागीदारी जारी रखी।
राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसद का प्रतिनिधिमंडल 9 अक्टूबर 2026 को तंजानिया के अरूशा में आयोजित अंतर‑संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं बैठक के अंतिम दिन भी सक्रिय रूप से भाग लिया।
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9 अक्टूबर 2026 को तंजानिया के अरूशा शहर में अंतर‑संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं सभा के पाँचवें और अंतिम दिन भारतीय संसद के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी उपस्थिति जारी रखी। इस प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख सदस्य राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश थे, जिनके नेतृत्व में भारतीय सांसदों ने इस बहुराष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज़ उठाई।
आईपीयू की 153वीं बैठक में 55 देशों के संसद सदस्यों ने भाग लिया, और इस बार विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य, और आर्थिक विकास के विषयों पर चर्चा की गई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में भारत की प्रगति और चुनौतियों को उजागर किया। श्री हरिवंश ने एक भावपूर्ण भाषण में कहा कि “भारत जलवायु परिवर्तन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देगा।”
बैठक के दौरान, भारतीय सांसदों ने तंजानिया के साथ ऊर्जा और जल संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की। तंजानिया के प्रधानमंत्री के साथ एक अनौपचारिक बैठक के दौरान, दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए संभावित साझेदारी पर सहमति व्यक्त की।
इस कार्यक्रम में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने “डिजिटल इंडिया” पहल के अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे डिजिटल तकनीक ने ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, और शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन लाया है। इसके अलावा, उन्होंने भारत के “मेक इन इंडिया” कार्यक्रम के तहत निर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन के आंकड़ों को भी प्रस्तुत किया।
राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने बताया कि इस अंतर‑संसदीय मंच पर भागीदारी के दौरान भारतीय संसद ने अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और पारदर्शिता को उजागर किया। उन्होंने कहा, “हमारे संसद में निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से खुली और सार्वजनिक है, और यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमारी विश्वसनीयता को बढ़ाता है।”
बैठक के समापन सत्र में, आईपीयू के अध्यक्ष ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “भारत ने जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, और हमें आशा है कि यह सहयोग आगे बढ़ेगा।”
इस कार्यक्रम के दौरान, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के साथ सांस्कृतिक आदान‑प्रदान के लिए भी एक कार्यक्रम का आयोजन किया। दोनों देशों के युवा संसद सदस्यों ने एक दूसरे के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और पारस्परिक समझ को बढ़ाया।
अंततः, 153वीं आईपीयू बैठक के पाँचवें दिन भारतीय संसद के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी भूमिका निभाते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ अपने घरेलू नीतिगत उपलब्धियों को भी विश्व मंच पर प्रस्तुत किया। इस प्रकार, भारतीय संसद की सक्रिय भागीदारी ने आईपीयू के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।