रक्षा मंत्री ने सिक्किम के अग्रिम मोर्चों पर तैनात सैनिकों के साथ दीपावली मनाई
रक्षा मंत्री ने सिक्किम के सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात भारतीय सेना के जवानों के साथ दीपावली का उत्सव मनाया, जहाँ उन्होंने उनके संघर्ष और त्याग से प्रेरणा ली और हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
Journalism India··0 व्यूज़·3 मिनट पढ़ें
सिक्किम के कठिन भूभाग और अग्रिम मोर्चों पर तैनात भारतीय सेना के वीर सैनिकों के बीच दीपावली का उत्सव इस वर्ष विशेष रूप से खुशहाल रहा। रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर सीमा पर कर्तव्य निभाने वाले जवानों के साथ मिलकर दीया जलाकर इस पर्व का आनंद लिया। यह घटना देश की रक्षा के लिए किए जा रहे नীরोगर्रिक संघर्ष और त्याग का जीवंत प्रतीक है, जिसने सैनिकों के हौसले और भी बुलंद कर दिए।
सिक्किम के दक्षिणी सीमा क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और कठोर मौसम के बावजूद, रक्षा मंत्री ने वहाँ तैनात बलों के साथ मिलकर दीपावली की रात बिताई। उन्होंने न केवल दीये जलाए, बल्कि जवानों के साथ मिलकर खाना खाया और उनके संघर्षों के बारे में बातचीत की। इस दौरान रक्षा मंत्री ने सैनिकों को उनकी कठिन परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा के लिए जो निभाई गई भूमिका के लिए गहरी प्रणाम अर्पित किए। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात हर एक सैनिक देश के अखंडता और सुरक्षा की मजबूत कड़ी है, और उनकी तैयारी ही भारत की सुरक्षा की गारंटी है।
सैनिकों ने भी इस मौके पर रक्षा मंत्री का हार्दिक स्वागत किया। बर्फीले पहाड़ों और घनी जंगलों के बीच तैनात रहने के बावजूद, जवानों के चेहरों पर उत्साह और जोश की छटा स्पष्ट दिखाई दे रही थी। रक्षा मंत्री ने उन्हें दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए यह भी आश्वासन दिया कि सरकार हमेशा सेना के कल्याण और उनके परिवारों के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जवानों के परिवारों को भी पत्र लिखकर उन्हें इस पर्व की शुभकामनाएं और पूरा सहयोग देते हुए समर्थन का आश्वासन दिया।
सिक्किम के अग्रिम मोर्चों पर तैनाती देश की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से बहुत ही संवेदनशील है। यहाँ के कठिन जलवायविक परिस्थितियों में भी भारतीय सेना की तैयारी और अनुशासन ने दुनिया को कई बार प्रभावित किया है। रक्षा मंत्री का यह दौरा न केवल एक प्रतीकात्मक कदम था, बल्कि यह सैनिकों के लिए एक बड़ी प्रेरणा भी साबित हुआ। उन्होंने जवानों से कहा कि उनकी निष्ठा और बलिदान ही राष्ट्र सेवा की सर्वोच्चतम नियत है।
इस दौरान रक्षा मंत्री ने तैनाती की स्थिति की समीक्षा भी की और जवानों से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सैनिकों को सलाह दी कि वे अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि कठोर मौसम में स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे जरूरी होती है। दीपावली की रात में अंधेरे को बिखेरने वाले दीयों की रोशनी ने सीमा के ठंडे वातावरण को भी गर्म कर दिया। यह दृश्य देशभक्ति और एकता का एक बेमिसाल नमूना था, जिसने यह साबित किया कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, भारतीय सेना और देश के प्रमुख अधिकारी एक साथ खड़े होकर राष्ट्र सेवा के पथ पर आगे बढ़ते हैं। सिक्किम के इन अग्रिम मोर्चों पर दीपावली की यह रात इतिहास में एक विशेष घटना के रूप में दर्ज हो गई है।