प्रधानमंत्री ने नागरिकों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व अंधकार पर विजय पाने के संकल्प का प्रतीक है
प्रधानमंत्री ने दिवाली के अवसर पर राष्ट्र के हर नागरिक को हार्दिक शुभकामनाएं प्रस्तुत कीं। उन्होंने इस पर्व को अंधकार पर प्रकाश और अच्छाई पर बुराई के विजय का प्रतीक बताते हुए देशवासियों को एकता और सकारात्मक सोच की मजबूत याद दिलाई।
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आठ नवंबर, 2026 (रविवार) को, प्रधानमंत्री ने दिवाली के पवित्र अवसर पर देश के हर एक नागरिक को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजीं। इस मुहूर्त पर उनके द्वारा दिए गए संदेश में गहरी भावनात्मक गहराई और सामाजिक संवेदना को दर्शाया गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि दिवाली का पर्व केवल दीप जलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर विजय पाने के अटूट संकल्प का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि चाहे घोर अंधकार कितना भी गहरा हो, सार्थक प्रयास और सही दिशा के साथ आगे बढ़ने पर प्रकाश अंततः जीत हासिल करता है।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर पूरे राष्ट्र के लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में न केवल दीप जलाएं, बल्कि अपने मन और विचारों में भी प्रकाश की किरणों को प्रवेश दें। उन्होंने बताया कि इस पर्व का असली मजहब धार्मिक पहचान से ऊपर उठकर मानवता, सहयोग और एकता में निहित है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि जब हम अंधकार यानी कि भ्रष्टाचार, अज्ञान, नफरत और भेदभाव को हराते हैं, तभी समाज में सच्ची दिवाली आती है। इस संदेश के जरिए सरकार ने नागरिकों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और प्रगति की ओर कदम बढ़ाने की प्रेरणा प्रदान करने का प्रयास किया है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह समय है कि हम अपने परिवार, मित्रों और पड़ोसियों के साथ मिलकर यह पर्व उत्सव के साथ मनाएं, लेकिन साथ ही इस मौके का उपयोग अपने आसपास की कमजोर परवरियों के लिए भी किया जाए। उन्होंने सौंद्यता और पर्यावरण की सुरक्षा का भी संकेत दिया, जिससे दिवाली का मजा लेते समय प्रकृति को नुकसान न पहुंचे। इस तरह से, इस पर्व को प्रकाश के प्रतीक के रूप में जीना, राष्ट्र की सामूहिक आत्मा को मजबूत बनाता है।
राष्ट्र के नागरिकों ने प्रधानमंत्री की इन शुभकामनाओं का हार्दिक स्वागत किया है और सोशल मीडिया पर विभिन्न सामुदायिक समूहों में यह संदेश साझा किया गया। लोगों ने कहा कि अंधकार पर विजय पाने का संकल्प आज की कठिन परिस्थितियों में विशेष रूप से प्रासंगिक है। अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधारों के क्षेत्रों में आने वाले वर्षों में आगे बढ़ने के लिए यह संदेश एक प्रेरणास्रोत के रूप में कार्य करेगा। इस प्रकार, दिवाली का यह संस्करण न केवल एक धार्मिक उत्सव के रूप में, बल्कि एक राष्ट्रीय उद्देश्य और सामाजिक परिवर्तन के संकल्प के रूप में यादगार बनेगा। प्रधानमंत्री के इस संदेश ने देश में एकता और आशा की एक नई लहर पैदा की है, जो अंधकार को बदलकर प्रकाश में बदलने के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।