ऑल इंडिया आयुर्वेदिक इंस्टीट्यूट ने ११वां आयुर्वेदिक दिवस‑२०२६ सार्वजनिक जागरूकता रैली, संगोष्ठी और पुस्तक विमोचन के साथ मनाया।
ऑल इंडिया आयुर्वेदिक इंस्टीट्यूट ने आयुर्वेद दिवस के अवसर पर देश भर में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए रैलियों, विशेषज्ञ सेमिनारों और एक नई पुस्तक के लॉन्च सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए।
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All India Ayurvedic Institute (AIAS) ने इस वर्ष का 11th Ayurvedic Day‑2026 राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक जागरूकता रैली, विशेषज्ञ संगोष्ठी, और एक नई प्रकाशन की शुरुआत के साथ मनाया। रैली मार्ग प्रमुख शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरा, जहाँ स्वयंसेवकों ने आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सिद्धांतों, पोषण सुझावों, और जीवनशैली परिवर्तन के महत्व को समझाते हुए पर्चे वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य आयुर्वेद को केवल एक पारम्परिक उपचार विधि के रूप में नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य‑प्रबंधन के उपकरण के रूप में प्रस्तुत करना था।
रैली के बाद, संगोष्ठी में आयुर्वेद के प्रमुख विद्वान, चिकित्सक, और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। उन्होंने आयुर्वेद पर वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक चिकित्सा के साथ एकीकरण, और ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणालियों में आयुर्वेदिक उपायों के उपयोग पर चर्चा की। विशेष रूप से, आयुर्वेदिक जड़ी‑बूटियों के क्लिनिकल ट्रायल और उनके संभावित औषधीय लाभों पर प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। संगोष्ठी के अंत में, AIAS ने “Ayurvedic Lifestyle: A Guide for Modern India” शीर्षक वाली नई पुस्तक लॉन्च की, जिसमें समकालीन जीवन में पारम्परिक सिद्धांतों को लागू करने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन शामिल है।
AIAS के अध्यक्ष ने कहा कि आयुर्वेद दिवस केवल एक प्रतीकात्मक अवसर नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के निरंतर प्रयासों के लिए एक मंच है। उन्होंने जोर दिया कि आयुर्वेदिक ज्ञान को वैज्ञानिक मान्यता को सार्वजनिक समझ के साथ जोड़कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों में एकीकृत किया जाना चाहिए। इस कार्यक्रम के माध्यम से, संस्थान ने आयुर्वेद को व्यापक सामाजिक विमर्श में लाने और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।