** आईआईडब्ल्यू 2026 के दूसरे दिन जल सुरक्षा, नवार और लचीली वॉश सेवाओं के विभिन्न आयाम एक साथ लाए गए
** अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन आईआईडब्ल्यू 2026 के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने जल सुरक्षा, नवाचारी नवार तकनीक और लचीली वॉश सेवाओं के आपसी संबंधों को उजागर किया, जिससे सतत जल प्रबंधन की दिशा में नई राहें प्रशस्त हुईं।
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** आईआईडब्ल्यू 2026 के दूसरे दिन, विश्व भर के जल विशेषज्ञ, नीति निर्माता और तकनीकी उद्यमी एकत्रित हुए ताकि जल सुरक्षा, नवार (नवीन जल‑संकलन और शोधन तकनीक) और लचीली वॉश सेवाओं के समग्र दृष्टिकोण पर चर्चा की जा सके। प्रमुख सत्रों में जल‑सुरक्षा के मौजूदा जोखिमों का विश्लेषण किया गया, जिसमें जल‑संकट, प्रदूषण और जलवायु‑परिवर्तन के प्रभावों को प्रमुखता दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि जल‑सुरक्षा केवल जल उपलब्धता नहीं, बल्कि जल की गुणवत्ता, वितरण प्रणाली की स्थिरता और सामाजिक‑आर्थिक पहुँच को भी सम्मिलित करती है। इस संदर्भ में, नवार तकनीक को एक संभावित समाधान के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो जल‑संकलन, पुनर्चक्रण और ऊर्जा‑संचय को एकीकृत करती है।
दूसरे सत्र में लचीली वॉश सेवाओं की अवधारणा को विस्तृत रूप से समझाया गया, जहाँ आपदा‑प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए मॉड्यूलर, पोर्टेबल और ऊर्जा‑स्वतंत्र वॉश यूनिट्स की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। पैनल चर्चा में यह रेखांकित किया गया कि नवार तकनीक को लचीली वॉश सेवाओं के साथ संयोजित करने से आपातकालीन स्थितियों में जल‑स्रोतों की त्वरित उपलब्धता और शोधन संभव हो सकता है, जिससे जल‑जनित रोगों की रोकथाम में उल्लेखनीय सुधार होगा।
समापन में, आईआईडब्ल्यू 2026 के आयोजकों ने कहा कि जल सुरक्षा, न