लोकसभा अध्यक्ष ने दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की शुभकामनाएँ दीं
लोकसभा अध्यक्ष ने संसद के सभी सदस्यों, कर्मचारियों और देशवासियों को दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज का हार्दिक बधाई पत्र भेजा है। इस अवसर पर उन्होंने प्रकाश, प्रेम और सद्भाव के संदेश को उजागर करते हुए देश की एकता और प्रगति की कामना की।
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रविवार, 8 नवंबर 2026 को, लोकसभा के अध्यक्ष ने संसद के सत्रों के दौरान देशभर में मनाए जा रहे तीनों प्रमुख हिन्दू त्योहारों ग्रहण करने का अवसर आते ही एक विशेष संदेश जारी किया। इस संदेश में उन्होंने दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के उपलब्धियों का स्वागत करते हुए संसद के सभी सदस्यों, विधायक मंडलियों, संसदीय स्टाफ और देश के आम नागरिकों को उत्सवों की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
अध्यक्ष ने अपने विस्तृत अतिथि शब्दों में दीपावली को प्रकाश के त्योहार के रूप में परिभाषित किया, जो अंधकार को दूर करके आशा और नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस दिवाली के अवसर पर हर घर में जले हुए दीपों की रोशनी न केवल घरों को सुंदर बनाती है, बल्कि यह प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकजुटता की भावना को भी प्रज्वलित करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्रकाश देश के हर कोने में फैले अज्ञान, भ्रष्टाचार और हिंसा के अंधकार को दूर करेगा और प्रगति के रास्ते को रोशन करेगा।
उन्होंने ओसमानाद गोवर्धन पूजा के मौके पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने इस त्योहार को परंपरागत मूल्यों, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामुदायिक बंधन के महत्व की याद दिलाते हुए बताया। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें सिखाती है कि कैसे हम अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आधुनिक जीवन के चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। इस अवसर पर उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण और साझा संसाधनों के उपयोग के प्रति जागरूक रहने की सलाह भी दी।
भाई दूज के संबंध में, लोकसभा अध्यक्ष ने इसे पारिवारिक बंधनों और भाईचारे के मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भाई दूज का त्योहार हमें याद दिलाता है कि कैसे हम अपने सородजनों और समुदाय के साथ-साथ देश के सभी नागरिकों के प्रति प्रेम और देखभाल की भावना रखते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस त्योहार के माध्यम से लोगों में एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और समझ की भावना को और गहराई से विकसित किया जाए, जो राष्ट्रीय एकता की नींव है।
अंत में, लोकसभा अध्यक्ष ने संसद के सभी सहयोगियों और देशवासियों को इन तीनों उत्सवों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि यह मौसम न केवल त्योहारों का है, बल्कि देश की प्रगति, विकास और शांति के लिए काम करने का भी है। उन्होंने आशा जताई कि लोग इन त्योहारों को विनम्रता, दया और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ मनाएं। संदेश के अंत में, उन्होंने सभी को स्वस्थ, सुखी और समृद्ध भविष्य की कामना करते हुए, भारत की परंपरागत मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के प्रयत्नों को जारी रखने का संदेश दिया। यह संदेश संसद के आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया गया, जहां इसे हज़ारों लोगों ने पढ़ा और साझा किया।