डीआरआई ने 137 किलो क्रिस्टल मेथ की बड़ी खेप जब्त की; तटीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, तमिलनाडु में 4 गिरफ्तार
डीआरआई ने तमिलनाडु में तटीय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 137 किलो क्रिस्टल मेथ जब्त की है। इस अभियान के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो लंबे समय से सक्रिय थे।
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तमिलनाडु में तटीय मादक पदार्थ तस्करी की गतिविधियों पर बड़ा दबाव डालते हुए, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स सेल्स कंट्रोल एक्ट (डीसीसीए) के तहत ड्रग्स रेवेन्यू इंस्पेक्शन (डीआरआई) की टीम ने एक ऐतिहासिक कार्रवाई की है। इस बड़ी सर्जिकल एक्शन के दौरान अधिकारियों ने 137 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन, जिसे सामान्य भाषा में 'क्रिस्टल मेथ' के नाम से जाना जाता है, की खेप जब्त की है। यह पकड़ाई न केवल मात्रा की दृष्टि से बड़ी है, बल्कि यह तटीय क्षेत्रों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क के संचालन को भी उजागर करती है।
डीआरआई की विशेष टीम ने लंबे समय से चली आ रही इस तस्करी रिंग की गहराई में जांच की। सायरिनस के अनुसार, यह नेटवर्क मुख्य रूप से तटीय रास्तों का इस्तेमाल करके मादक पदार्थों को देश के अंदरूनी हिस्सों तक पहुँचाने के इरादे से काम कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई क्रिस्टल मेथ की इस खेप का काला बाजार मूल्य अरबों रुपये के आसपास हो सकता है, जो बताता है कि इस तस्करी से जुड़े संगठनों के पास कितना वित्तीय बल था। इस कार्रवाई के हिस्से के रूप में, पुलिस और डीआरआई अधिकारियों ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से न केवल नशीले पदार्थ बल्कि संचार के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फोन और अन्य प्रमाण सामग्री भी बरामद की गई है, जो आगे की जांच में मददगार साबित हो सकती है।
जांच के दौरान सामने आया कि यह नेटवर्क बहुत ही सावधानी से काम करता था और अक्सर परिवहन के अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए अलग-अलग नक़ल-पुर्जा बनाता था ताकि सुरक्षा बलों की नजर से बचा जा सके। हालांकि, डीआरआई की निगरानी और सूचना-संचालन प्रणाली ने इनकी हरकतों को ट्रैक करने में सफलता हासिल की। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और यह दावा किया गया है कि यह पकड़ाई आगे की जांच के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार किए गए चार आरोपी इस तस्करी के मुख्य नोडल पॉइंट थे, जो आपूर्ति और वितरण दोनों के लिंक में शामिल थे। अब केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। डीआरआई ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में यह भी ज़ोर देकर कहा है कि सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का संयुक्त प्रयास तस्करी के हर रूप, विशेषकर तटीय क्षेत्रों में सक्रिय मादक पदार्थों की तस्करी को खत्म करने के लिए लगातार जारी रहेगा। इस बड़ी खेप की जब्ती से न केवल सैकड़ों युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाया गया है, बल्कि तस्करी के वित्तीय ढांचे को भी गंभीर ضربة पहुंची है। आगे की सुनवाई और आरोपियों के खिलाफ अदालती कार्रवाई के पक्ष में भी कानूनी तैयारियां की जा रही हैं ताकि कठोर सजा सुनाई जा सके और भविष्य में इस तरह की गतिविधियों का डरावना डर बना रहे।