V6 तीनमार: अटकुल बतुकम्म | पालमूर मिनियर टैंक बंड | सात लाख पेंस | मिल्क एटीएम
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पलमूर के ग्रामीण इलाकों में एक नई पहल ने किसानों के जीवन में हलचल मचा दी है। V6 తీన్మార్ द्वारा संचालित ‘అటుకుల బతుకమ్మ’ परियोजना ने ‘పాలమూరు మినీ ట్యాంక్ బండ్’ के माध्यम से 7.5 लाख पेन...
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पलमूर जिले के एक छोटे से गाँव में, जहाँ परंपरागत कृषि और पशुपालन प्रमुख आजीविका के स्रोत हैं, V6 తీన్మార్ नामक एक सामाजिक उद्यम ने एक अनोखी पहल की है। इस परियोजना का नाम ‘అటుకుల బతుకమ్మ’ है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समुदायों में दूध उत्पादन को बढ़ावा देना और उनके लिए आर्थिक स्वावलंबन के नए रास्ते खोलना है।
इस पहल के अंतर्गत, V6 తీన్మార్ ने ‘పాలమూరు మినీ ట్యాంక్ బండ్’ की स्थापना की है, जो कि एक छोटा लेकिन अत्याधुनिक टैंक है, जिसमें 7.5 लाख पेन (पैसे) का अनुदान दिया गया है। इस अनुदान का इस्तेमाल दूध उत्पादन के लिए आवश्यक उपकरण, कच्चे माल और वितरण नेटवर्क की व्यवस्था के लिए किया गया है।
सबसे रोचक बात यह है कि इस परियोजना के हिस्से के रूप में, V6 తీన్మార్ ने ‘మిల్క్ ఏటీఎం’ (Milk ATM) भी स्थापित किया है। यह एटीएम दूध खरीदने और बेचने के लिए एक नवीनतम तकनीकी समाधान है, जो किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए सुविधाजनक और पारदर्शी लेन-देन सुनिश्चित करता है। किसान अपने दूध को सीधे एटीएम से जमा कर सकते हैं और तुरंत ही नकद या डिजिटल भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, ‘మిల్క్ ఏటీఎం’ ने दूध की गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण में भी सुधार किया है। इससे दूध के उत्पादन में स्थिरता आई है और किसानों को उनके उत्पाद के लिए उचित मूल्य मिल रहा है। इसके अलावा, यह एटीएम दूध के संग्रहण और वितरण के समय को भी कम करता है, जिससे दूध ताजा और उच्च गुणवत्ता वाला बना रहता है।
V6 తీన్మార్ के प्रमुख, श्री रामकृष्ण, ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हम ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं और उन्हें आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ें। ‘అటుకుల బతుకమ్మ’ और ‘పాలమూరు మिनी टैंक बंड’ के माध्यम से हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दूध उत्पादक अपने उत्पाद को बेहतर मूल्य पर बेच सकें और साथ ही उपभोक्ता भी ताजा दूध का लाभ उठा सकें।”
इस परियोजना का प्रभाव केवल दूध उत्पादन तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से, ग्रामीण युवाओं को नई रोजगार के अवसर मिले हैं, क्योंकि ‘మిల్క్ ఏటీఎం’ के संचालन और रखरखाव के लिए तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, स्थानीय बाज़ार में दूध के वितरण के दौरान ट्रैफिक और समय की बचत भी हुई है।
पलमूर जिले के कृषि अधिकारी, डॉ. सुमन, ने भी इस पहल की प्रशंसा की, “V6 తీన్మార్ की यह पहल ग्रामीण विकास के लिए एक नया मॉडल प्रस्तुत करती है। 7.5 लाख पेन के अनुदान और ‘మిల్క్ ఏటీఎం’ के जरिए हम दूध उत्पादन और व्यापार को अधिक पारदर्शी और लाभदायक बना सकते हैं।”
इस प्रकार, ‘అటుకుల బతుకమ్మ’, ‘పాలమూరు మिनी टैंक बंड’, और ‘మిల్క్ ఏటీఎం’ ने मिलकर पलमूर के ग्रामीण समाज में दूध उत्पादन और व्यापार के क्षेत्र में नई ऊर्जा और संभावनाएँ उत्पन्न की हैं। यह परियोजना दिखाती है कि कैसे पारंपरिक उद्योगों में तकनीकी नवाचार और वित्तीय सहायता के संयोजन से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाया जा सकता है।