एबीपी के तहत तमिलनाडु में भारतनेट नेटवर्क के उपयोग के लिए, डिजिटल भारत निधि, दूरसंचार विभाग, तमिलनाडु सरकार एवं तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन के बीच समझौता
तमिलनाडु में एबीपी (अभियोजित भू-प्रतिबंध) के तहत भारतनेट नेटवर्क के उपयोग के लिए डिजिटल भारत निधि, दूरसंचार विभाग, राज्य सरकार और तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है।
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तमिलनाडु में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों तक फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क का पहुंचाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक सौदे पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता एबीपी (अभियोजित भू-प्रतिबंध) के तहत भारतनेट नेटवर्क के प्रभावी उपयोग और विस्तार के लिए किया गया है। इस प्रमुख समझौते पर डिजिटल भारत निधि (DBT), दूरसंचार विभाग, तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन (TCF) के बीच हस्ताक्षरित किया गया। यह पहल राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में उच्च-गतिवाली इंटरनेट सेवाओं की उपलब्धता में सुधार होगा।
इस समझौते के माध्यम से, भारतनेट के मौजूदा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क की क्षमता का अधिकतम उपयोग किया जाएगा ताकि अंतिम माइल कनेक्टिविटी (last-mile connectivity) को बेहतर बनाया जा सके। डिजिटल भारत निधि की ओर से इस योजना को आर्थिक और तकनीकी समर्थन प्रदान किया जाएगा, जबकि दूरसंचार विभाग नियामक और प्रशासनिक दिशा-निर्देश देगा। तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन, जो राज्य सरकार की एक सहायक कंपनी है, नेटवर्क की स्थापना, रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा। इस सहयोग से राज्य के हर कोने तक डिजिटल सेवाओं, जैसे ई-गवर्नेंस, डिजिटल शिक्षा और टेलीमेडिसिन, की पहुंच आसानी से होगी।
तमिलनाडु सरकार ने इसे अपने 'डिजिटल तमिलनाडु' की विज़न का एक महत्वपूर्ण हिस्सा घोषित किया है। एबीपी के तहत किए जाने वाले इस समझौते से न केवल निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि सरकार की डिजिटल सेवाओं को लागू करने में भी तेजी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतनेट नेटवर्क के इस उपयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिलेगी और युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इस प्रक्रिया में सभी तीन पक्षों, यानी डिजिटल भारत निधि, दूरसंचार विभाग और तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन, की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
समझौते के तहत तय किया गया है कि आने वाले समय में तमिलनाडु के उन सभी ब्लॉक और ग्रामीण क्षेत्रों में फाइबर कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जाएगी जहां अभी तक उच्च-गतिवाली इंटरनेट सेवा उपलब्ध नहीं है। यह कदम डिजिटल विभाजन (digital divide) को कम करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। तमिलनाडु फाइबरनेट कॉर्पोरेशन नेटवर्क की गुणवत्ता और स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल और संसाधनों का प्रबंधन करेगा। इस सहयोगात्मक मॉडल से अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण पेश किया गया है, जहां सरकारी निगम और केंद्रीय निकाय मिलकर डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास कर सकते हैं।
इस समझौते के बाद, तमिलनाडु में डिजिटल सेवाओं की पहुंच का दायरा और व्यापक होने की उम्मीद है। डिजिटल भारत निधि के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से राज्य के ग्रामीण विकास में एक नया अध्याय खुलेगा। दूरसंचार विभाग ने इससे संबंधित सभी नियमों और नीतियों का पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। इस प्रकार, एबीपी के तहत भारतनेट नेटवर्क के उपयोग के लिए किया गया यह समझौता तमिलनाडु के डिजिटल भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे लाखों नागरिकों का जीवन बेहतर होगा और राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।