कांदा एक्सप्रेस सरकार के सुरक्षित भंडार से प्याज लेकर 24 सितंबर को कोलकाता पहुंचेगी
सरकार ने 24 सितंबर को कांदा एक्सप्रेस के माध्यम से कोलकाता पहुँचाने के लिए सुरक्षित भंडार से प्याज भेजने का निर्णय लिया है, जिससे मूल्य स्थिरता और आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
Journalism India
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पिछले कुछ महीनों में भारत के विभिन्न हिस्सों में प्याज की कीमतों में लगातार उतार‑चढ़ाव देखने को मिला है। विशेषकर दक्षिण‑पूर्वी क्षेत्र में मांग में वृद्धि और आपूर्ति में कमी के कारण मूल्य में तेज़ी आई, जिसके चलते सरकार ने अपने राष्ट्रीय स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ाने का निर्णय लिया। इस दिशा में कांदा एक्सप्रेस, जो कि पूर्वी रेलवे की प्रमुख मालगाड़ी है, को 24 सितंबर को कोलकाता पहुँचाने के लिए नियोजित किया गया है।
सुरक्षित भंडार से प्याज की डिलीवरी का उद्देश्य क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाना और उपभोक्ताओं के लिए किफ़ायती दरें बनाए रखना है। यह पहल कृषि व वाणिज्य मंत्रालय के समन्वय में की गई है, जहाँ बताया गया है कि भंडार में पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध है जिसे समय पर बाजार में उतारा जा सकता है। ट्रैक पर भेजे जाने वाले प्याज को विशेष तापमान‑नियंत्रित कंटेनरों में पैक किया जाएगा ताकि परिवहन के दौरान गुणवत्ता बनी रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के समय पर स्टॉक रिलीज़ से प्याज के मूल्य में अचानक बढ़ोतरी को रोका जा सकेगा और किसानों को उनकी फसल के लिए उचित मूल्य मिलने की आशा होगी। साथ ही, यह कदम आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक आयात पर निर्भरता घटाने के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया है। सरकार के अधिकारी आश्वस्त हैं कि कांदा एक्सप्रेस की इस डिलीवरी से कोलकाता के बाजार में प्याज की आपूर्ति में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी।