प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में भारत के पदक जीतने की संख्या 14 से बढ़कर 114 तक पहुंचने की उल्लेखनीय उपलब्धि को रेखांकित किया
प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों में भारत के प्रदर्शन पर गौरव व्यक्त किया, जिसमें देश ने पदक जीतने की संख्या 14 से बढ़ाकर 114 तक पहुंचाई।
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प्रधानमंत्री ने हाल ही में समाप्त हुए एशियाई पैरा खेलों में भारतीय टीम के अभूतपूर्व प्रदर्शन की सराहना करते हुए, देश के पदक जीतने की संख्या में हुए द्रुत विकास को रेखांकित किया। उन्होंने नोट किया कि पिछले खेलों में भारत के खालिसा 14 पदक जीतने की उपलब्धि को देखते हुए, इस बार 114 पदक जीतना एक ऐतिहासिक और उल्लेखनीय कदम है। यह अचूक आंकड़ा न केवल खेल जगत में भारतीय अथलियों के कौशल और अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि पैरा अथलेटिक्स क्षेत्र में देश ने कौन-सा नया मानक स्थापित किया है।
प्रधानमंत्री ने अपनी टिप्पणी में इन 114 पदकों के पीछे काम करने वाली भारतीय पैरा अथलीटों की अथक मेहनत, त्याग और देश के प्रति उनके समर्पण को विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने आधुनिक इतिहास पाने वाली इस उपलब्धि के जरिए पूरे राष्ट्र को गर्व का अनुभव कराया है। इस प्रदर्शन ने न केवल आंतरिक स्तर पर एक नई ऊर्जा का संचार किया है, बल्कि इसने वैश्विक मंच पर भारत के नाम को और मजबूत किया है। सरकार ने इन खिलाड़ियों के प्रशंसा के लिए कई पहलें शुरू करने की घोषणा की है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को पैरा खेलों में रुचि लेने और प्रतिभा को निखारने के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
विशेषज्ञों और खेल विश्लेषकों के अनुसार, 14 से 114 तक की यह छलांग केवल संख्यात्मक परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह एक संस्थागत और सामाजिक बदलाव का परिणाम है। इसमें राष्ट्रीय खेल नीतियों में सुधार, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं का निर्माण और पैरा अथलीटों के लिए विशेष संरचनात्मक समर्थन का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। प्रधानमंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि यह उपलब्धि अगले आईपीडी (वैश्विक पैरा खेलों) के लिए एक बेहतर नींव रखती है, जहां भारत को और अधिक पदकों के साथ अपना दबदबा प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद, देशभर में खिलाड़ियों का स्वागत किया जा रहा है। युवाओं के बीच पैरा खेलों का दायरा तेजी से फैल रहा है, क्योंकि अब इन खेलों को केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक और सम्मानजनक करियर के रूप में देखा जाने लगा है। प्रधानमंत्री की इस मुहिम ने स्पष्ट किया है कि भारत अब केवल रचनात्मक खेलों में ही नहीं, बल्कि पैरा खेलों के क्षेत्र में भी एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहा है। इस उल्लेखनीय प्रगति का श्रेय उन सभी जग गया है, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र के विकास के लिए अहम भूमिका निभाई है, जिससे 114 पदकों की यह बड़ी उपलब्धि संभव हो पाई।