सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित शिल्प समागम मेला 2026 का जायजा लिया
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित 'शिल्प समागम मेला 2026' का निरीक्षण किया, जहाँ देशभर के प्रमुख शिल्पकारों ने अपनी हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई है।
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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र आईएनए (INA) में स्थित दिल्ली हाट में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आर्थिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने 'शिल्प समागम मेला 2026' का विस्तृत निरीक्षण किया। इस मेले का उद्देश्य देश के विविध राज्यों से आकर पेशेवर शिल्पकारों और हस्तशिल्प इकाइयों को एक ही छत के नीचे लाना और उनके उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाना है।
श्री पंत ने मेले के प्रमुख प्रदर्शनी क्षेत्रों का दौरा करते हुए विभिन्न शिल्प शैलियों, जैसे कि चंदेरी, मीनकारी, चमेली, और पारंपरिक वस्त्रों की बुनाई पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने मंडलियों से बातचीत करते हुए उनसे अपने उत्पादों की गुणवत्ता, कीमत निर्धारण और बाजार में मिले जवाब के बारे में जानकारी ली। सचिव ने विशेष रूप से उन हस्तशिल्प कलाकारों को प्रोत्साहन दिया जो आधुनिक डिजाइन और पारंपरिक कला के संगम को अपना रहे हैं, ताकि इन उत्पादों की लोकप्रियता दिनोंदिन बढ़े।
इस अवसर पर श्री सुधांश पंत ने मंत्रालय की ओर से चल रहे विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया, जो हस्तशिल्प क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, डिजिटल बाजारपेठ तक पहुंच और आवश्यक पूंजी सहायता प्रदान करने के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर शिल्पकार को अपने कौशल के मुताबिक उचित मूल्य मिले और उनकी मेहनत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले।
मेले में दिल्ली और आजमखाने के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और बिहार के कई प्रमुख शिल्पकारों ने अपनी पारदर्शिता और शिल्प कला के नमूने प्रस्तुत किए। ग्राहकों में इन्हें भरपूर लोकप्रियता मिली, जिससे स्पष्ट हुआ कि स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर भारतीय हस्तशिल्प की मांग लगातार बढ़ रही है।
श्री पंत ने मेले के आयोजकों और मंडलियों को धन्यवाद देते हुए उन्हें आगे की योजनाओं के बारे में भी मार्गदर्शन किया। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में ऐसे और मेले इसी तरह से आयोजित किए जाएंगे, ताकि शिल्प समागम की परंपरा को और मजबूत किया जा सके। इस कार्यक्रम में मंत्रालय के अन्य उच्च अधिकारी, शिल्प संगठनों के प्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
दिल्ली हाट में आयोजित इस मेले ने न केवल हस्तशिल्प की खूबसूरती को प्रदर्शित किया, बल्कि सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता के क्षेत्र में मंत्रालय की सक्रिय भूमिका को भी रेखांकित किया। यह पहल उन सभी हस्तशिल्प कलाकारों के लिए प्रेरणादायक है जो अपने विरासत को जीवंत रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।