अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली में 15 अक्टूबर से शुरू होगा KAUMARACON 2026; उपराष्ट्रपति करेंगे अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद बाल चिकित्सा सम्मेलन का उद्घाटन
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIMS) में 15 अक्टूबर, 2026 से 'KAUMARACON 2026' नामक अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद बाल चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसका उद्घाटन उपराष्ट्रपति करेंगे।
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नई दिल्ली में आयुर्वेदिक विज्ञान और बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक घटनाक्रम को देखने को मिलने वाला है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली में 15 अक्टूबर, 2026 से 'KAUMARACON 2026' नामक अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद बाल चिकित्सा सम्मेलन का शुभारंभ किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजन का उद्घाटन भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा किया जाएगा, जो इस कार्यक्रम के लिए एक विशेष सौभाग्य के रूप में माना जा रहा है।
यह सम्मेलन केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद की बाल चिकित्सा (Kaumarbhritiya) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास है। आयोजनकर्ताओं का लक्ष्य है कि इस मंच के जरिए दुनिया भर के विशेषज्ञ, शोधकर्ता और चिकित्सक एक साथ आकर अपने अनुभव साझा करें। आज के दौर में बच्चों की स्वास्थ्य समस्याएं बहुरूपधारी होती जा रही हैं, ऐसे में पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचारों और आधुनिक विज्ञान के बीच एक संतुलित बांधकाम बनाने की आवश्यकता sentir हो रही है। KAUMARACON 2026 इसी दिशा में एक अहम कदम के रूप में उभर कर सामने आया है।
सम्मेलन के दौरान बाल रोगों के निदान, उपचार, रोकथाम और बच्चों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आयुर्वेद में बाल स्वास्थ्य को समझने का दृष्टिकोण अत्यंत व्यापक है, जो बालक के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखता है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इन पारंपरिक ज्ञानों को वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ जोड़कर एक विश्वसनीय और प्रभावी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करना है, जिससे बच्चों की दयनीय स्थिति में सुधार लाया जा सके।
अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली, जो कि देश के प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक शिक्षण और शोध केंद्रों में से एक है, इस मंच का मेहमान नवाजी कर रहे हैं। संस्थान प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सम्मेलन के दौरान शीर्ष दर्जे की संवैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि भागीदारों को बेहतर अनुभव मिल सके। उपराष्ट्रपति के द्वारा किए जाने वाले उद्घाटन से इस कार्यक्रम को और भी अधिक विशेष पहचान मिलने की उम्मीद है, जो आयुर्वेद के क्षेत्र में देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस सम्मेलन का प्रमुख फोकस अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना भी है। विदेशों से आ रहे प्रतिनिधियों के साथ भारतीय विशेषज्ञों के बीच ज्ञान विनिमय से नई शोध संभावनाएं खुलने की संभावना है। यह आयोजन न केवल चिकित्सकों के लिए एक शिक्षाप्रद मंच है, बल्कि सामान्य जनता, विशेष रूप से माता-पिता के लिए भी बच्चों की देखभाल से जुड़े सही और वैज्ञानिक तरीकों को समझने का अवसर प्रदान करेगा। 15 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में बाल स्वास्थ्य के हर पfacet को कवर करने की कोशिश की गई है, जिससे कि आयुर्वेद का यह प्राचीन विज्ञान आधुनिक विश्व में पराक्रम कर सके।