केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो(सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने दो कारवाईयों में 4.2 टन से अधिक पोस्ता भूसा(पोपी स्ट्रॉ) जब्त किया; तीन गिरफ्तार
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने मंगलवार को दो अलग-अलग ऑपरेशनों के जरिए कुल 4.2 टन से अधिक पोपी स्ट्रॉ जब्त किया। इस बड़ी कारवाई के दौरान नाशे के कारोबारी गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
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मध्य प्रदेश में नशे की तस्करी पर लगाम लगाने की दिशा में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। सीबीएन की मध्य प्रदेश इकाई की टीम ने मंगलवार को दो अलग-अलग कार्रवाइयों के जरिए 4.2 टन से अधिक पोस्टा भूसा (पोपी स्ट्रॉ) को जब्त किया। इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने नशे के कारोबारी गिरोह के तीन दोषियों को भी गिरफ्तार किया है। जब्त किया गया यह सामान नशे के निर्माण के लिए उपयोग किया जाता है, इसलिए यह बड़ी मात्रा में तस्करी माना गया।
सीबीएन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जबकि जासूसों को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में पोपी स्ट्रॉ की बड़ी मात्रा में तस्करी हो रही है, उन्होंने सख्त निगरानी बंदोबस्त किया। पहली कार्रवाई में, सीबीएन की विशेष टीम ने एक चेकपोस्ट पर एक वाहन को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन के आड़ों में छिपा हुआ पोस्टा भूसा मिला, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया। इसी दौरान वाहन के चालक और एक अन्य सफर में शामिल व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
उसी दिन दूसरी कार्रवाई में, सीबीएन टीम ने एक और स्थान पर छापेमारी की जहां नशे का सामान ले जाया जा रहा था। वहां से भी बड़ी मात्रा में पोस्टा भूसा बरामद किया गया और एक और शख्स को हिरासत में लिया गया। कुल मिलाकर, इन दोनों ही मामलों में जब्त किए गए पोस्टा भूसे का कुल वजन 4.2 टन से अधिक दर्ज किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि पोपी स्ट्रॉ का उपयोग अफ्रीन और अन्य नशीली द्रव्यों की खेती या प्रोसेसिंग में किया जाता है, इसलिए इसे जब्त करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। गिरफ्तार किए गए तीनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया है। सीबीएन की टीम अब इस मामले में गहन जांच कर रही है कि यह सामान किस रास्ते से आया था और इसे किस जगह बेचा जाना था।
मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनते हुए सीबीएन ने पिछले कुछ महीनों में कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं। इस बार की कार्रवाई को नशे की तस्करी को रोकने के लिए एक मजबूत संकेत माना जा रहा है। पुलिस और नारकोटिक्स एजेंसियों का कहना है कि वे इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए 24 घंटे की निगरानी जारी रखेंगी। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC) और नशे के विरुद्ध कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पूरे इलाके में इस खबर के बाद नशे के कारोबारियों में सन्नाटा छाया हुआ है। सीबीएन के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आगामी दिनों में इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पकड़ने की कोशिश की जाएगी। वे सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में सीबीएन को सूचना दें, ताकि नशे के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बनाया जा सके। यह कार्रवाई राज्य में नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।