एशियाई खेल 2026 के प्रतिभागियों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ
15 अक्टूबर 2026 को, प्रधानमंत्री ने एशियाई खेल 2026 के लिए चुने गए खिलाड़ियों से मुलाकात करते हुए राष्ट्र के प्रति उनका अपरिहार्य बढ़चढ़कर सहयोग और खेल जगत में नई ऊंचाइयों को छुने की प्रेरणा प्रदान करने वाली बातें कहीं।
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15 अक्टूबर 2026, गुरुवार को देश के खेल इतिहास के एक महत्वपूर्ण दिन को चिह्नित किया गया जब प्रधानमंत्री ने एशियाई खेल 2026 के प्रतिभागियों के साथ अत्यंत प्रेरणादायक बातचीत की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के माध्यम से न केवल खिलाड़ियों को आशीर्वाद दिया, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय गौरव का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी और देश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनने की सलाह भी दी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि खेल केवल एक शारीरिक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्र की एकजुटता, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से अपील की कि वे अपने व्यक्तित्व और खेलकूद प्रतिभा दोनों के मामले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उन्होंने उल्लेख किया कि एशियाई खेल 2026 एक ऐसा मंच है जहां भारतीय खिलाड़ी न केवल स्वर्ण पदक जीतने के लिए नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भारतीय खेल संस्कृति को प्रस्तुत करने के लिए उतरेंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार खेल सुविधाओं के विकास, निजी निवेश को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों की मानसिक और शारीरिक तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में खेल के माध्यम से समाज में मिलन-एकता की भावना को प्रबल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक खिलाड़ी मैदान पर हैं, उनका हर कदम, हर प्रयास और हर जीत-हार पूरे देश के लिए एक संदेश होती है। इस संदेश में सकारात्मकता, निरंतर प्रयास और देशभक्ति समान रूप से शामिल होनी चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे विजय के पल को गौरव की बात समझें, लेकिन हार के पल में भी हौसला न हारें, क्योंकि असली जीत वह है जो संघर्ष के बाद मिलती है।
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की तैयारी की प्रगति पर भी जानकारी ली और उन्हें आश्वासन दिया कि देश का हर नागरिक उनकी सफलता के लिए प्रार्थना कर रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि खेल के क्षेत्र में नई पीढ़ी का उदय अत्यंत प्रशंसनीय है और सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में india खेलों के क्षेत्र में शीर्ष पर स्थापित हो सके। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों को अपने स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि स्वस्थ शरीर ही शानदार प्रदर्शन के लिए आवश्यक है।
संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को देश का नाम रोशन करने का संदेश दिया और उन्हें तारीख में अपना नाम दर्ज करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि एशियाई खेल 2026 के दौरान भारतीय टीम का प्रदर्शन न केवल खेल जगत में, बल्कि देश की आंतरिक भावनाओं में भी गहरी छाप छोड़ेगा। यह बैठक खिलाड़ियों के लिए न केवल एक प्रेरणादायक अनुभव थी, बल्कि यह देश की खेल नीतियों और आशाओं को भी प्रकट करती है। प्रधानमंत्री की इस मुलाकात को खेल प्रेमियों और मीडिया ने उच्चतम स्तर पर सराहा है, जिसने खिलाड़ियों में देश के प्रति अपनी निष्ठा और प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।