केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अंतर-पीढ़ीगत संबंधों को मजबूत करने के लिए 'वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान' शुरू किया
केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज 'वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान' की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य विभिन्न पीढ़ियों के बीच समझ और सहानुभूति को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत बुजुर्गों और युवाओं के बीच संवाद व सहयोग को प्रोत्साहित किया जायेगा।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज सुबह 10:30 बजे नई दिल्ली के संसद भवन में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 'वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान' की घोषणा की। यह अभियान, जिसे वायो (वृद्ध और युवा) के बीच पारस्परिक सम्मान और सहानुभूति पर आधारित है, का मुख्य लक्ष्य विभिन्न आयु समूहों के बीच सेतु बनाना और समाज में समरसता तथा एकजुटता को बढ़ावा देना है।
डॉ. कुमार ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा, “हमारा समाज तेजी से बदलता जा रहा है और साथ ही साथ पीढ़ीगत अंतर भी बढ़ता जा रहा है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बुजुर्गों की बुद्धि और अनुभव का सम्मान हो और युवा पीढ़ी को उनके मार्गदर्शन से लाभ मिले। ‘वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान’ इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह अभियान केवल एक प्रचार-प्रसार की योजना नहीं है, बल्कि इसमें व्यावहारिक कदम भी शामिल हैं, जैसे कि बुजुर्गों के लिए डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम, युवा स्वयंसेवकों द्वारा बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा सहायता, और पारिवारिक संवाद कार्यशालाएँ।
अभियान के तहत पाँच प्रमुख कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी:
1. डिजिटल साक्षरता शिविर – 18 से 60 वर्ष के बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से तैयार किये गए कंप्यूटर और इंटरनेट उपयोग के पाठ्यक्रम। 2. स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सहायता – युवा स्वयंसेवकों द्वारा बुजुर्गों के लिए घरेलू स्वास्थ्य जाँच, दवाओं का प्रबंधन और आपातकालीन सहायता। 3. सांस्कृतिक संवाद कार्यशाला – पारिवारिक स्तर पर पीढ़ीगत संवाद को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और कहानी कहने की प्रतियोगिता। 4. सामाजिक उद्यमिता पहल – बुजुर्गों के अनुभव से प्रेरित होकर युवाओं को छोटे-छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए मार्गदर्शन। 5. राष्ट्रीय मंच – हर महीने एक राष्ट्रीय मंच आयोजित किया जाएगा जहाँ विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि अपने अनुभव और सफलता की कहानियाँ साझा करेंगे।
डॉ. कुमार ने बताया कि इस अभियान के लिए केंद्रीय सरकार ने ₹500 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जिसे राज्यों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर लागू किया जायेगा। इसके अलावा, वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रमुख त्योहारों और कार्यक्रमों के दौरान भी चलायी जायेगी ताकि हर नागरिक को इस अभियान का लाभ मिल सके।
अभियान के शुभारम्भ के साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक बयान जारी किया जिसमें उन्होंने डॉ. कुमार की पहल की सराहना की और कहा कि “बुजुर्गों का सम्मान और युवा पीढ़ी की ऊर्जा का संयोजन हमारे समाज के विकास का मूल स्तम्भ है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पहल समाज में समावेशिता और सहिष्णुता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ता और वृद्धाश्रम के प्रमुख, सुश्री राधा देवी ने भी इस पहल पर अपना स्वागत किया। उन्होंने कहा, “हमारे यहाँ के बुजुर्गों को अक्सर अकेलापन और उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। इस अभियान से हमें उम्मीद है कि वे फिर से समाज का हिस्सा बनेंगे और युवाओं से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे।”
इस बीच, कई युवा स्वयंसेवक और छात्र इस अभियान के प्रति उत्साहित हैं। दिल्ली के एक कॉलेज में आयोजित एक कार्यशाला में, छात्रों ने बुजुर्गों के साथ मिलकर डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर एक छोटा प्रोजेक्ट तैयार किया, जिसे डॉ. कुमार ने सराहनीय माना।
अभियान के तहत, केंद्रीय सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि हर राज्य में एक ‘वायो सम्मान केंद्र’ स्थापित किया जायेगा, जहाँ बुजुर्गों और युवाओं को एक साथ लाकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएँगे। इसके अलावा, ‘वायो सम्मान ऐप’ भी लॉन्च किया जायेगा, जो बुजुर्गों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के साथ-साथ युवा स्वयंसेवकों के लिए भी एक मंच प्रदान करेगा।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने समापन करते हुए कहा, “इस अभियान से हम न केवल बुजुर्गों के सम्मान को बढ़ाएँगे, बल्कि युवा पीढ़ी को भी एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक के रूप में विकसित करेंगे। यह समाज के सभी वर्गों के लिए एक नई दिशा है, जिसमें हम सभी को भाग लेने की आवश्यकता है।”
इस प्रकार, ‘वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान’ की शुरुआत के साथ ही, भारत के सामाजिक ताने-बाने में एक नया अध्याय लिखे जाने की तैयारी है, जहाँ पीढ़ियों के बीच की दूरी को पाटते हुए एक समृद्ध, समावेशी और सहानुभूतिपूर्ण समाज की ओर कदम बढ़ाया जा रहा है।