मोदी सरकार की आंध्र प्रदेश को 3 लाख पक्के आवासों की ऐतिहासिक सौगात; श्री शिवराज सिंह चौहान और श्री चंद्रबाबू नायडू ने बुर्रीपालेम से भरी विकास की हुंकार
भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश को 3 लाख पक्के आवासों की ऐतिहासिक सौगात दी है। 12 अक्टूबर को बुर्रीपालेम से भरी विकास की हुंकार के साथ श्री शिवराज सिंह चौहान और श्री चंद्रबाबू नायडू ने इस पहल पर चर्चा की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी समर्थन व्यक्त किया।
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बुर्रीपालेम, आंध्र प्रदेश – 12 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने एक भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा राज्य को दी गई 3 लाख पक्के आवासों की ऐतिहासिक सौगात पर चर्चा की। यह पहल आंध्र प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवासीय विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।
कार्यक्रम का आरम्भ मुख्यमंत्री चौहान ने किया, जिन्होंने कहा, “हमारे राज्य को यह सौगात मिलना हमारे विकास के सफ़र में एक नया मोड़ है। 3 लाख पक्के आवास न केवल लोगों की जीवनशैली को बेहतर बनाएंगे, बल्कि रोजगार सृजन और सामाजिक समरसता को भी प्रोत्साहित करेंगे।” उन्होंने आगे बताया कि इन आवासों के निर्माण के लिए सरकार ने 12 अक्टूबर से ही जमीन की पहचान, डिज़ाइन, और निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए कहा, “यह पहल हमें दिखाती है कि केंद्र सरकार के पास आंध्र प्रदेश के विकास के लिए ठोस योजनाएँ हैं। हम आशा करते हैं कि यह आवासीय परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और कहा, “हमारी सरकार हर नागरिक के लिए सुरक्षित और सुसज्जित आवास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 3 लाख पक्के आवासों की यह पहल आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए एक नई उम्मीद की किरण है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए कुल 12,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसमें निर्माण लागत, भूमि अधिग्रहण, और बुनियादी ढाँचे की आवश्यकताएँ शामिल हैं।
इस पहल के तहत, सरकार ने आवासों के निर्माण के लिए ‘स्मार्ट सिटी’ और ‘ग्राम्य विकास’ दोनों योजनाओं को एक साथ समेकित किया है। बुर्रीपालेम के आसपास के ग्रामीण इलाकों में पहले से ही 1,50,000 पक्के आवास तैयार हो चुके हैं, और शेष 1,50,000 आवास 2027 की शुरुआत तक पूरा करने की योजना है।
मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि आवासों के निर्माण के साथ-साथ जल, बिजली, स्वच्छता, और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँगी। “हमारा लक्ष्य है कि हर परिवार को एक सुरक्षित, स्वस्थ और आरामदायक घर मिले,” उन्होंने कहा।
इस पहल के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने स्थानीय कारीगरों और मजदूरों को प्राथमिकता देते हुए रोजगार सृजन की योजना भी बनाई है। इससे राज्य के भीतर रोजगार के अवसरों में 15 % की वृद्धि अपेक्षित है।
समापन में, चंद्रबाबू नायडू ने कहा, “यह कार्यक्रम आंध्र प्रदेश के विकास के लिए एक मिसाल है। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर इस परियोजना को सफल बनाना चाहते हैं।”
इस ऐतिहासिक सौगात से आंध्र प्रदेश के लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है, और यह पहल राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।