प्रधानमंत्री ने एशियाई खेल में महिलाओं की 50 मी राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे को बधाई दी
प्रधानमंत्री ने एशियाई खेल में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाले तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे को बधाई दी।
Journalism India··2 व्यूज़·3 मिनट पढ़ें
सत्रहवें एशियाई खेल, जो 2026 के सितंबर में बांग्लादेश के ढाका में आयोजित हुए, के दौरान भारत की महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने पर प्रधानमंत्री ने गहरी प्रशंसा के साथ तीनों एथलीटों को बधाई दी। तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे ने इस पदक के माध्यम से न केवल भारत की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने।
इस प्रतियोगिता में तीनों एथलीटों ने अपने उत्कृष्ट कौशल, शुद्ध फोकस और अथक समर्पण के जरिए भारतीय टीम को एक उल्लेखनीय उपलब्धि दिलाई। 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में प्रत्येक प्रतियोगी को आगे, पीछे और तिरछी तीनों स्थितियों में निशाना लगाना होता है, जिसके लिए शारीरिक सहनशक्ति के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता की भी आवश्यकता होती है। तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे ने इस चुनौती को बेहतरीन ढंग से स्वीकारते हुए, अपने-अपने पोजीशन में उच्चतम स्कोर दर्ज किया।
प्रधानमंत्री ने अपनी बधाई के दौरान कहा, “आप सभी ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट समर्पण से न केवल भारत के लिए गर्व का कारण बना है, बल्कि यह दिखाया है कि महिलाओं की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प से क्या-क्या हासिल किया जा सकता है। मैं आप सभी को इस रजत पदक की बधाई देता हूँ और आशा करता हूँ कि आप आगे भी इस प्रकार की उत्कृष्ट उपलब्धियों के साथ हमें गर्वित करते रहेंगे।”
इस घटना के दौरान, एशियाई खेल की मेजबान टीम ने भी इस जीत के लिए भारत को बधाई दी। आयोजक समिति ने कहा कि भारत की महिलाओं ने इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करके एशियाई खेल इतिहास में एक नया पन्ना लिखा है।
इस जीत के पीछे तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे का अथक परिश्रम और उनकी कोचिंग टीम का उत्कृष्ट मार्गदर्शन प्रमुख भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन अपने लक्ष्य से कभी नजर नहीं हटाई। उनकी यह जीत यह दर्शाती है कि किसी भी खेल में महिलाओं का योगदान कितनी महत्वपूर्ण है।
भारत के खेल मंत्रालय ने भी इस जीत पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक उदाहरण है कि कैसे देश की युवा महिलाएँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकती हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस सफलता को और बढ़ाने के लिए और अधिक संसाधन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्था की जाएगी।
अंत में, प्रधानमंत्री के बधाई संदेश ने इस जीत को और भी खास बना दिया। उन्होंने तिलोत्तमा सेन, विदरसा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे को उनके साहस, लगन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सराहा और आगे आने वाली प्रतियोगिताओं में भी इसी तरह की सफलता की कामना की। इस प्रकार, एशियाई खेल में महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने पर प्रधानमंत्री की बधाई ने न सिर्फ तीनों एथलीटों को प्रेरित किया बल्कि पूरे देश को गर्व और उत्साह से भर दिया।