** 17वें कथकली महोत्सव का उद्घाटन चेन्नई के कलाक्षेत्र फाउंडेशन में किया गया
** चेन्नई के कलाक्षेत्र फाउंडेशन में आयोजित 17वें कथकली महोत्सव का भव्य उद्घाटन हुआ, जिसमें कला प्रेमियों और विशेषज्ञों ने इस शास्त्रीय नृत्य रूप की समृद्ध परम्परा को सम्मानित करने के लिए एकत्रित हुए।
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** कलाक्षेत्र फाउंडेशन, जो दक्षिण भारत में सांस्कृतिक संरक्षण और कला शिक्षा के प्रमुख संस्थानों में से एक है, ने इस वर्ष अपने परिसर में 17वें वार्षिक कथकली महोत्सव का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में प्रमुख कलाकारों, शास्त्रीय नृत्य के विद्वानों और राज्य के सांस्कृतिक अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि ने महोत्सव के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथकली, जो मूल रूप से केरल की अभिव्यक्तिपूर्ण नाट्यशैली है, अब पूरे भारत में अपनी पहचान बना रही है और नई पीढ़ियों को प्रेरित कर रही है। इस अवसर पर फाउंडेशन के निदेशक ने बताया कि इस वर्ष का महोत्सव तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें पारंपरिक रचनाओं के साथ-साथ नवाचारपूर्ण प्रयोगात्मक प्रस्तुतियों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।
महोत्सव में भारत के विभिन्न भागों तथा विदेशों से आए 30 से अधिक प्रतिष्ठित कथकली कलाकारों के समूह भाग लेंगे। वे “अभिषेक”, “अश्वमेध” और “कुंडलिनी” जैसी क्लासिक अभिकथाओं के साथ-साथ समकालीन सामाजिक मुद्दों को प्रतिबिंबित करने वाली नई रचनाओं को भी प्रस्तुत करेंगे। कार्यशालाओं और सेमिनारों के माध्यम से युवा कलाकारों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा, जिससे इस प्राचीन कला रूप के निरंतर विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। इस महोत्सव को स्थानीय मीडिया और राष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों द्वारा व्यापक रूप से कवर किया जा रहा है, जिससे कथकली के प्रति जनसामान्य की जागरूकता और प्रशंसा में वृद्धि की उम्मीद है।
समग्र रूप से, 17वें कथकली महोत्सव का यह आयोजन न केवल पारम्परिक कला को संरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि नई पीढ़ी को इस शास्त्रीय नृत्य के प्रति आकर्षित करने और उसकी निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने का मंच भी प्रदान करता है।