केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रांची स्थित ICAR-IIAB की विभिन्न नई सुविधाओं का किया उद्घाटन
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रांची स्थित ICAR-IIAB की नई तकनीकी सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश की कृषि उत्पादकता और अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया।
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गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को कृषि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम दर्ज हुआ जब केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली से जुड़कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से झारखंड के रांची स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के खेती के लिए उपयुक्त जैविक प्रौद्योगिकी संस्थान (IIAB) की विभिन्न नई सुविधाओं का विधिवत उद्घाटन किया। यह संस्था देश के कृषि अनुसंधान और विकास में अग्रणी भूमिका निभाती है और इस बार की उद्घाटित सुविधाओं का उद्देश्य किसानों को नवीनतम तकनीकी समाधान प्रदान करना है।
श्री चौहान ने अपने संबोधन में कृषि अनुसंधान के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि आज के बदलते जलवायविक परिदृश्य में किसानों को ऐसी तकनीक की आवश्यकता है जो न केवल उत्पादन बढ़ाए, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन भी बनाए रखे। उन्होंने रांची स्थित ICAR-IIAB द्वारा किए गए निवेश और नई संस्थानों की स्थापना को देश के कृषि क्षेत्र के लिए एक स्वर्णिम मोड़ बताया। मंत्री ने तारीफ की कि यह संस्थान सिर्फ प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर किसानों के खेतों तक तकनीक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है।
उद्घाटन समारोह में संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने भी मौजूद थे, जिन्होंने नई सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इनमें उन्नत प्रयोगशालाएं, आधुनिक कृषि उपकरणों का डिस्प्ले और डिजिटल कृषि प्रबंधन सिस्टम शामिल हैं, जो किसानों को सटीक समय पर सटीक जानकारी देने में सहायक होंगे। श्री चौहान ने विशेष रूप से युवा कृषि वैज्ञानिकों की मेहनत की सराहना की और कहा कि उनकी खोज-अनुसंधान देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत बना रही है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे आह्वान किया कि स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग को मिलकर इन नई सुविधाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए ताकि किसानों तक इसका लाभ सीधे पहुंच सके। उन्होंने रांची और आस-पास के क्षेत्रों के किसानों को इन तकनीकों को अपनाने की सलाह दी, जिससे उनकी आय में वृद्धि और खेती के खर्चों में कमी आए।
इस अवसर पर उपस्थित कृषि विशेषज्ञों ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि ICAR-IIAB की ये नई सुविधाएं विशेष रूप से धान, बाजरा और अन्य स्थानीय फसलों के लिए विकसित की गई हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किए गए इस उद्घाटन ने दिखाया कि डिजिटल तकनीक अब सरकारी आयोजनों और कृषि नीतियों के क्रियान्वयन में एक शक्तिशाली माध्यम बन चुकी है।
समारोह के अंत में श्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी श्रमिकों और वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में ICAR-IIAB ऐसे और मॉडल प्रोजेक्ट्स को जन्म देगा, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक होंगे। यह कार्यक्रम रांची स्थित संस्थान की प्रमुख शैक्षणिक और अनुसंधान इकाइयों के लिए एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ने का संकेत है, जिससे क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि प्रथाओं से जुड़ने का एक नया अवसर मिलेगा।