'नशा मुक्त युवा अभियान' के छठे सप्ताह के दौरान, 'माय भारत ' ने 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2.11 लाख से अधिक प्रतिभागियों को एकजुट किया
'माय भारत' के अंतर्गत शुरुआत हुए 'नशा मुक्त युवा अभियान' के छठे सप्ताह में 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 2.11 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जिससे नशामुक्ति की दिशा में एक बड़ा सामाजिक संदेश दिया गया।
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सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को, देशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए चलाए जा रहे 'नशा मुक्त युवा अभियान' के छठे सप्ताह का समापन हुआ। इस अभियान के इस विशेष सप्ताह के दौरान, 'माय भारत' ने एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिलाकर कुल 2.11 लाख से अधिक युवाओं ने इस पहल में सक्रिय भागीदारी की। यह आंकड़ा न केवल युवाओं के बीच नशामुक्ति के प्रति अवगत जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि जब समाज के वे लोग, जिन्हें भविष्य का निर्माण करना है, एक संयुक्त रूप से आगे आते हैं, तो परिणाम कितने प्रभावशाली हो सकते हैं।
'नशा मुक्त युवा अभियान' का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशीली द्रव्यों के दुष्परिणामों से बचाना और उन्हें एक स्वस्थ, उत्पादक जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करना है। छठे सप्ताह के दौरान आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों में युवाओं ने नशामुक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। ये कार्यक्रम शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक फैले हुए थे, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि यह संदेश हर तबके तक पहुंच सके। 'माय भारत' द्वारा संगठित किए गए इस प्रयास ने युवाओं को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे एक ऐसा माहौल बना जिसमें नशे को एक सामाजिक बुराइ के रूप में नजर किया गया और इसके खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया गया।
विशेष रूप से, 2.11 लाख से अधिक प्रतिभागियों का यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि युवाओं में नशे के प्रति कटबड़ बनी हुई है। कई राज्यों के युवाओं ने अपने स्थानीय स्तर पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया, जिनमें स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नशे के चिकित्सा और मानसिक प्रभावों पर प्रकाश डाला। इस अभियान के माध्यम से न सिर्फ नशे के खतरों के बारे में जानकारी दी गई, बल्कि नशे में डूबे लोगों को पुनर्वास और सहायता के विकल्पों के बारे में भी बताया गया।
'माय भारत' के इस सफल प्रयास ने देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक तालमेल बनाया है। इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की पहलें इस बात का संकेत देती हैं कि नशामुक्ति एक व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की इस बड़ी संख्या में भागीदारी ने सरकारों और गैर-सरकारी संगठनों को भी प्रेरित किया है कि वे नशामुक्ति और नशामुक्त जीवन प्रोत्साहन के लिए और अधिक प्रभावी नीतियां बनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएं।
इस छठे सप्ताह के सफल समापन के बाद, आगे की योजनाओं में इस अभियान को और विस्तार देने पर विचार किया जा रहा है। लक्ष्य यह है कि अगले सप्ताहों में और अधिक युवा इस अभियान से जुड़ें और नशामुक्त जीवन का संदेश पूरे देश में फैलाया जा सके। 'माय भारत' ने पुनः यह संदेश दिया है कि युवा ही देश की वास्तविक शक्ति हैं और जब वे स्वस्थ और जागरूक रहते हैं, तो देश का विकास परवाने पर आता है। इस प्रकार, 'नशा मुक्त युवा अभियान' के छठे सप्ताह की यह उपलब्धि न केवल एक आंकड़ा है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक मोड़ है जो युवाओं के बीच नशे के खिलाफ लड़ने के लिए एक नई चेतना का प्रतीक है।