سی بی این نے وسط پردیش کے جاوڑا میں نشہ مکت بھارت کے لیے مشن یوتھ ڈیفنس کے تحت طلبہ کے لیے نشہ مخالف آگاہی کا پروگرام منعقد کیا۔
سی بی این نے آج جاوڑا، وسطی پردیش میں 'نشہ مکت بھارت کے لئے مشن یوتھ ڈِفنس' کے تحت طلبہ کے لئے نشہ مخالف آگاہی پروگرام کا انعقاد کیا۔ پروگرام میں مقامی اساتذہ، طلبہ اور حکومتی حکام نے حصہ لیا اور نشے کے خطرات کے بارے میں آگاہی پھیلانے کے لئے لیکچر، ورکشاپ اور انٹرایکٹو سیشن منعقد کئے۔
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27 सितम्बर, 2026 – मध्य प्रदेश के जावरा में आज एक व्यापक नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सीबीएन ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत 10:30 बजे जावरा के सरकारी हाई स्कूल के बहुउद्देश्यीय हॉल में हुई। सीबीएन के प्रमुख, श्री अजय कुमार ने उद्घाटन करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि युवा पीढ़ी को नशे के प्रति जागरूक बनाया जाए ताकि वे स्वस्थ और उत्पादक समाज का निर्माण कर सकें।”
इसके बाद, एक विशेष अतिथि, जावरा के शिक्षा अधिकारी, श्रीमती प्रिया सिंह ने भाषण दिया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जावरा के स्कूलों में नशे के मामलों में 15% की वृद्धि हुई है। “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रों को नशे के प्रभावों के बारे में सही जानकारी मिले,” उन्होंने कहा।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में से एक था “साक्षात्कार वर्कशॉप” जिसमें छात्रों ने नशे के सेवन के बाद होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों के बारे में प्रश्न पूछे। इस सत्र का संचालन एक अनुभवी नशा नियंत्रण विशेषज्ञ, डॉ. राजेश चंद्रा ने किया। डॉ. चंद्रा ने बताया कि “नशे के सेवन से मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमीटर में असंतुलन पैदा होता है, जो दीर्घकाल में संज्ञानात्मक क्षमताओं को प्रभावित कर सकता है।”
इसके अलावा, कार्यक्रम में “इंटरैक्टिव रोल-प्ले” भी आयोजित किया गया। छात्रों ने नशे के सेवन के बाद होने वाली सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को दर्शाने वाले नाट्य प्रदर्शन किए। एक छात्र ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, “मुझे लगा कि नशा एक आसान रास्ता है, परंतु यह सिर्फ एक झूठी खुशी है।”
सीबीएन के प्रबंधन ने इस कार्यक्रम के लिए 50,000 रुपये का अनुदान दिया, जिसका उपयोग शैक्षणिक सामग्री, पर्चे और नशा विरोधी पोस्टरों के उत्पादन में किया गया। इसके अलावा, 30 नशा नियंत्रण विशेषज्ञों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बुलाया गया।
सत्र के अंत में, सीबीएन ने एक “नशा विरोधी बैनर” प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। छात्रों ने बैनर पर “नशा नहीं, शिक्षा है” वाक्यांश के साथ रचनात्मक डिज़ाइन पेश किए। जावरा के शिक्षा अधिकारी ने घोषणा की कि सर्वश्रेष्ठ बैनर को जावरा के स्कूलों में प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाएगा।
कार्यक्रम के समापन पर, सीबीएन के प्रमुख ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा, “हमें विश्वास है कि इस तरह के कार्यक्रमों से नशे के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और युवा पीढ़ी स्वस्थ विकल्प चुन पाएगी।” कार्यक्रम के दौरान, सीबीएन ने एक मोबाइल हेल्पलाइन भी शुरू की, जहाँ छात्र और अभिभावक नशे से संबंधित किसी भी समस्या पर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
इस कार्यक्रम से यह स्पष्ट होता है कि नशा विरोधी जागरूकता को बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर शिक्षा और सहयोग की आवश्यकता है। जावरा के छात्रों और शिक्षकों ने आज के कार्यक्रम से नशे के खतरों के प्रति गहरी समझ प्राप्त की है, और सीबीएन के प्रयासों से यह उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य में नशे के मामलों में कमी आएगी।